धराली क्षेत्र में आई भीषण आपदा ने कई परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है, जहां दर्जनों लोगों ने अपनी जान गंवाई और उनके परिजन दुख की घड़ी में असहाय महसूस कर रहे हैं। ऐसे संकट के समय में पूर्व जिला पंचायत प्रतिनिधि सुनील रौतेला ने मानवीय संवेदना का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। उन्होंने आपदा में दिवंगत हुए व्यक्तियों के परिजनों को प्रति परिवार 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
यह सहायता राशि न केवल वित्तीय मदद के रूप में आई है, बल्कि प्रभावित परिवारों के लिए एक मजबूत संबल साबित हुई है। रौतेला जी की इस पहल से समाज में यह संदेश गया है कि कठिन समय में कोई अकेला नहीं है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की मदद से परिवारों में नई आशा जगी है और उन्हें लगता है कि समाज उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
सुनील रौतेला, जो जिला पंचायत के पूर्व प्रतिनिधि रह चुके हैं, ने इस मौके पर जनसेवा की सच्ची भावना प्रदर्शित की। उन्होंने आगे बढ़कर प्रभावितों की मदद की, जो दर्शाता है कि जनप्रतिनिधि का पद केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में लोगों के साथ खड़े होने का दायित्व है। रौतेला जी ने कहा, "किसी का दुख पूरी तरह मिटाया नहीं जा सकता, लेकिन संवेदना और सहयोग का हाथ बढ़ाकर हम उनके जीवन में साहस भर सकते हैं।
धराली आपदा के बाद सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा भी राहत कार्य जारी हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर ऐसी पहलें दुर्लभ हैं। स्थानीय प्रशासन ने रौतेला जी के प्रयासों की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे अन्य लोग भी प्रेरित होंगे। प्रभावित परिवारों ने इस सहायता के लिए आभार व्यक्त किया है।





