नॉर्वे चेस 2025: भारत के युवा शतरंज खिलाड़ी और वर्तमान विश्व चैंपियन डी. गुकेस ने नॉर्वे चेस 2025 के पहले दौर में मंगस कार्लसन को हराकर एक और मील का पत्थर हासिल करने की शुरुआत की है।
गुकेस ने 18 वर्ष की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की, जो उन्हें शतरंज इतिहास में सबसे युवा अविभाजित विश्व चैंपियन बनाता है। उन्होंने 2024 में डिंग लिरीन को हराकर यह खिताब जीता था, जो गैरी कास्पारोव के 22 वर्ष और सात महीने के रिकॉर्ड को तोड़ता है।
गुकेस ने मंगस कार्लसन को हराया
नॉर्वे चेस 2025 का यह मुकाबला विशेष रूप से महत्वपूर्ण था क्योंकि यह गुकेस और कार्लसन के बीच पहला क्लासिकल गेम था, जब से गुकेस ने विश्व चैंपियन का खिताब जीता था। मैच के दौरान गुकेस ने अपनी शांत और केंद्रित रणनीति से कार्लसन को पछाड़ दिया, जो शतरंज जगत में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस जीत के बाद, गुकेस के कोच और प्रशंसकों ने उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना की। किरेन रिजिजू ने ट्वीट कर कहा, "आपने दुनिया को दिखा दिया है कि शांत विश्वास और तीव्र फोकस क्या हासिल कर सकते हैं।" यह जीत न केवल गुकेस के लिए एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय शतरंज के लिए भी एक गर्व का पल है।
नॉर्वे चेस 2025 का यह मुकाबला कई दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां गुकेस ने अपनी बढ़ती प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर यह मैच 2026 के कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने की दौड़ में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
गुकेस की इस जीत ने न केवल भारत में, बल्कि दुनिया भर में शतरंज प्रेमियों को प्रेरित किया है। उनकी यात्रा और उपलब्धियां युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत हैं, जो दिखाती हैं कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ कुछ भी हासिल किया जा सकता है।





