Dehradun News: देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है। मृतका के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने उत्तराखंड सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत पति सहित तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) (दहेज मृत्यु) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

जानिए क्या है पूरा मामला ?

पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर स्थित श्रीकोट निवासी सृष्टि कंडारी की नवंबर 2025 में देहरादून के हर्रावाला स्थित लक्ष्मण एन्क्लेव निवासी सौरभ खत्री से  हुई थी। सृष्टि कंडारी पेशे से सरकारी शिक्षिका थी और उनके पति सचिवालय में कार्यरत हैं। 

दहेज और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप

मृतका सृष्टि कंडारी के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही सृष्टि कंडारी को दहेज की मांग और अन्य पारिवारिक कारणों को लेकर मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। शिकायत में पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी और ननद चारू पर लगातार उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं।

इसके अलावा यह भी आरोप लगाए गए कि शादी के कुछ महीने बाद ससुर की तबीयत बिगड़ने और बाद में उनके निधन के बाद सृष्टि को परिवार में होने वाली घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया जाने लगा। आरोप है कि उसे "मनहूस" कहकर अपमानित किया जाता था, जिससे वह लगातार मानसिक दबाव में थी।

मृतका की मां सीमा कंडारी के अनुसार, जब काफी देर तक बेटी से संपर्क नहीं हो पाया तो उन्होंने एक परिचित को ससुराल भेजा। इसके बाद जानकारी मिली कि सृष्टि को अस्पताल ले जाया गया है। परिवार जब श्रीनगर से देहरादून पहुंचा तो उन्हें पता चला कि 29 जुलाई को ही उनकी बेटी की मौत हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने समय पर उन्हें घटना की सूचना नहीं दी।

सोशल मीडिया पर सृष्टि कंडारी का आखिरी वीडियो वायरल

सृष्टि कंडारी की मौत पर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा। जिसमें सृष्टि रोते हुए कहा रही कि वह अब और सहन नहीं कर सकती। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस संदेश की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी और इसे भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

वही मृतका की मांग की शिकायत पर हर्रावाला पुलिस चौकी (थाना डोईवाला) में पति, सास और ननद के खिलाफ दहेज मृत्यु का मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस ने शुरू की जांच 

मामले की संवेदनशीलता और आरोपी के उत्तराखंड सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत होने के कारण जांच पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) वंदना वर्मा को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।