Mallikarjun Kharge : बता दें कि उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित 'शुद्धिकरण यज्ञ' का मामला अब संसद तक पहुंच गया है।
इस मामले को खरगे ने बुधवार को राज्यसभा में उठाते हुए कहा कि उन्होंने रैली में किसी भी धर्म या समाज का नाम नहीं लिया था। इसके बावजूद उनके भाषण के बाद बीजेपी से जुडे लोगों ने हवन कर मंच का शुद्धिकरण किया।
शुद्धिकरण के मामले पर तेज हुई राजनीति
बुधवार को मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में कहा कि वह हल्द्वानी में रामलीला मैदान में सार्वजनिक सभा को संबोधित करने गए थे। वहां लाखों लोग मौजूद थे। उन्होंने अपने भाषण के दौरान किसी भी समाज या धर्म का नाम नहीं लिया था, बल्कि सरकार से जुडे मुद्दों को उठाया था। फिर उनके भाषण के बाद बीजेपी से जुडे लोगों ने उसी मंच पर हवन कर उसका 'शुद्धिकरण' किया।
इस मामले को लेकर खरगे ने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में इस तरह की कार्रवाई उचित है और क्या इसी तरह संविधान की रक्षा की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि वह राज्यसभा में विपक्ष के नेता है औऱ इस तरह की घटना उनके लिए गंभीर विषय है।
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिया बयान
खरगे के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह सभी के लिए बेहद दुखद और खेद का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी इस तरह के मामलों का समर्थन नहीं करती है। नड्डा ने कहा कि खरगे ने इस मामले की जांच कराने की बात कही है औऱ पार्टी भी इसकी तहकीकात करेगी।
नड्डा ने आगे कहा कि जांच के बाद खरगे की ओर से बीजेपी पर सीधे आरोप लगाना उचित नहीं होगा। इस दौरान राज्यसभा में 'शुद्धिकरण' के मामले को लेकर हंगामा जारी रहा।
खरगे ने कहा - मैं इस मामले को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहता
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को खरगे ने जवाब देते हुए कहा कि वह इस मामले को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहते। उन्होंने आगे कहा कि वे एक दलित है, लेकिन वह किसी के सामने गिडगिडाए नहीं है, वह लडते है। शुद्धिकरण करके उनका अपमान किया है और वह संविधान औऱ लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

