Vande Mataram Controversy : आपको बता दें कि वंदे मातरम को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच ने गोवा में आयोजित अपने कार्यक्रम में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के केवल दो ही पैराग्राफ गाए। इस दौरान मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्ल्किार्जुन खरगे भी मौजूद थे। इसके बावजूद वंदे मातरम के सिर्फ दो ही पैराग्राफ गाए गए। अब इसे लेकर एक बार फिर राजनीति गर्म हो गई है।

देखा जाए तो कांग्रेस पार्टी के इस रुख से ऐसा मैसेज देने की कोशिश की है वह आगे भी अपने कार्यक्रमों में इसी स्वरुप को जारी रखने वाली है। हालांकि पार्टी की ओर से इसे लेकर भविष्य के कार्यक्रमों के लिए किसी औपचारिक नीति का ऐलान किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

आखिर वंदे मातरम को लेकर क्या है विवाद?

वंदे मातरम के गायन को लेकर इन दिनों राजनीतिक बयानबाजी जारी है। ऐसे में गोवा में कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस घटनाक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। कार्यक्रम में वंदे मातरम शुरु होने के बाद इसके केवल दो ही पैराग्राफ गाए गए और फिर गायन को समाप्त कर दिया गया।

कांग्रेस मुख्यालय में हुआ वंदे मातरम विवाद भी गहराया

स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को लेकर विवाद बढ गया है। इस मामले में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई है। शिकायत में दोनों नेताओं के लिए FIR दर्ज कर मामले की जांच कराने की मांग की गई है।

मानसून सत्र के आखिरी दिन गाया गया था पूरा वंदे मातरम

मानसून सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही पहली बार पूरे 'वंदे मातरम' के गायन के साथ शुरू हुई थी। जिसमें प्रधानमंत्री , कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सारे सांसद मौजूद थे। राष्ट्रगीत के छह छंद बजाए जाने के बाद लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई थी और सत्र समाप्त हो गया था।

यह कानून राष्ट्रगीत के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या उसे रोकने को दंडनीय अपराध माना जाता है। इसे राष्ट्रगान के समान ही कानूनी दर्जा देता है। सरकार ने पहले ही आधिकारिक कार्यक्रमों में इसके गायन से जुडे नियम जारी किए थे।