Rahul Gandhi On Manusmriti : बता दें कि राहुल गांधी ने पुणे में मनुस्मृति को लेकर दावा किया था कि उसमे महिलाओं के अपमान को लेकर श्लोक लिखा गया है। उन्होंने कहा था कि मनुस्मृति में महिलाओं के जीवन के हर चरण में पुरुष रिश्तेदारों के अधीन रहने की बात कही गई हैं।
इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी की प्रतिक्रिया सामने आई है। अमित मालवीय ने कहा कि कांग्रेस हिंदू विरोधी नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेता निशिकांत दूबे ने भी प्रतिक्रिया दी।
अमित मालवीय ने एक्स पोस्ट के जरिए कहा कि, 'कांग्रेस की आधिकारिक पोस्ट इस बात का एक और उदाहरण है कि वह हिंदू-विरोधी नैरेटिव बनाने के लिए हिंदू-विरोधी नैरेटिव बनाने के लिए हिंदू धर्मग्रंथों को अपनी सुविधा के मुताबिक पेश करती हैं। हिंदुओं को यह बताने से पहले कि हिंदू धर्म महिलाओं के बारे में क्या कहता है, राहुल गांधी को पहले पूरी मनुस्मृति पढनी चाहिए।'
मनुस्मृति को लेकर क्या बोले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में कहा, 'मैं यहां मनुस्मृति का जिक्र करना चाहूंगा, जिसमें साफ कहा गया है कि बचपन में महिला को अपने पिता के अधीन रहना चाहिए, जवानी में वह अपने पति के अधीन होती है औऱ जब उसका पति मर जाता है तो वह अपने बेटों के अधीन होती हैं। महिला को कभी भी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए। ये शब्द शर्मनाक है। ऐसे शब्द नहीं कहे जाने चाहिए।'
कांग्रेस और राहुल पर निशिकांत दुबे ने कसा तंज
निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'बहन प्रियंका गांधी जी आपसे ज्यादा समझदार हैं, अपनी गद्दी दे दीजिए। सिद्धांत और उपदेश अपने घर से नहीं, दूसरों पर लागू होता है। नेहरु जी ने अपने जीते जी कांग्रेस अध्यक्ष अपनी बहन विजय लक्ष्मी पंडित को नहीं बनाकर इंदिरा गांधी जी से बनाया।'
उन्होंने आगे लिखा कि, '1946 में सरोजिनी नायडू जी यानि महिला का विरोध कर नेहरु जी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष बने थे। 1957 में फिरोज गांधी जी व इंदिरा गांधी जी में संसदीय चुनाव लडने की लड़ाई हुई तो आपके परिवार ने फिरोज गांधी जी का साथ दिया।'

