Dharmendra Pradhan Resigns : इस वक्त की सबसे बडी खबर आ रही है कि देशभर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर सरकार के खिलाफ चल रहे है प्रदर्शन के बाद देश के शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। छात्र द्धारा यह मांग पिछले कई समय से की जा रही थी।
दरअसल शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि, 'मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक औऱ शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदेव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी औऱ दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।'
युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं को सम्मान
पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आगे लिखा कि, 'मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है।
पीएम नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ, उसके लिए में प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करता हूं।'
कितने दिन शिक्षा मंत्री रहे धर्मेन्द्र प्रधान
बता दें कि धर्मेन्द्र प्रधान पांच साल और 18 दिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे। धर्मेन्द्र प्रधान ने लिखा है कि पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर में मन से काफी दु:खी हूं। जो कि मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। वहीं भारत की युवाशक्ति ही इस देश की असली ताकात है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे।
धर्मेन्द्र प्रधान ने आगे कहा कि, जंतर-मंतर पर जो स्थिति बनी है, उस स्थिति से कोई भी राष्ट्र-विरोधी ताकातें लाभ ना उठाएं। वहीं प्रभु जगन्नाथजी के आशीर्वाद से में भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रुप में स्वयं को समर्पित रखूंगा।

