Anti Paper Leak Bill : आज केंद्र सरकार ने लोकसभा में 'The Public Examinations संशोधन विधेयक, 2026' पेश किया है। इसका मुख्य उद्देश्य पेपर लीक, संगठित नकल और परीक्षा में होने वाली धांधली पर पहले से कहीं ज्यादा सख्ती करना है। इस कानून के तहत पेपर लीक मामलों में अधिकत्तम 10 साल की जेल और 10 करोड रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
जैसा कि आप जानते होंगे कि पिछले दिनों में देशभर नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में गडबडी को लेकर छात्रों का प्रदर्शन हुआ था। इसी कारण से सरकार को ये बिल लाना पडा। सरकार ने ये भी कहा कि ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए कानून को और मजबूत बनाया जा रहा है।
इस बार में पीएम मोदी ने भी सख्त कार्रवाई, तेज जांच और फास्ट ट्रैक कोर्ट का भरोसा जता चुके है। इसी बीच जरुरी तकनीकी सुधारों के सुझाव देने के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया है। तो आइए इस बिल के बारे में 5 बडी बातें जानते है।
1. पेपर लीक पर अब होगी 10 साल की जेल
इस बिल के अनुसार संगठित तरीके से पेपर लीक कराने या नकल गिरोह चलानो वालों को अब अधिकतम 10 साल तक की जेल हो सकती है। पहले यही सजा 5 साल की होती थी।
2. अब जुर्माना हुआ बढकर 10 करोड रुपए
बता दें कि इस बिल में अब पेपर लीक के दोषियों पर अधिकतम 10 करोड रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा अगर पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द होती है तो परीक्षा दोबारा कराने का खर्च दोषियों से ही वसूल किया जाएगा।
3. डिजिटल और AI से होने वाली नकल भी जाना जाएगा अपराध
केवल प्रश्नपत्र ही नहीं, लेकिन AI की मदद से नकल, परीक्षा प्रणाली की हैकिंग, ऑनलाइन पेपर भेजना और साइबर धोखाधडी भी कानून के दायरे में आएगी।
4. केवल छात्र नहीं, एजेंसियां भी होंगी जिम्मेदार
अगर परीक्षा कराने वाली एजेंसी, सर्विस प्रोवाइडर, तकनीकी कंपनी या कोई भी अधिकारी लापरवाही या मिलिभगत का दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
5. जांच और सुनवाई होगी तेज
इस बिल के अनुसार सरकार का मकसद है कि पेपर लीक मामलों का जल्दी से जल्दी निपटारा हो और दोषियों को समय पर सजा मिले।

