उत्तराखंड में कई डीएम बदले, उत्तरकाशी जिलाधिकारी का भी तबादला

उत्तराखंड सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर व्यापक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले कि…

उत्तराखंड में कई डीएम बदले, उत्तरकाशी जिलाधिकारी का भी तबादला — Uttarkashi news photo

उत्तराखंड सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर व्यापक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले किए हैं। इस तबादले की सूची में कई महत्वपूर्ण जिला अधिकारियों (डीएम) के तबादला शामिल हैं, जिसमें पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और चंपावत जैसे प्रमुख जनपदों के जिलाधिकारियों को बदला गया है। इसके अलावा, अन्य विभागों में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव देखने को मिला है।

उत्तराखंड में डीएम का तबादला

तबादले के तहत, स्वाति भदोरिया को पौड़ी गढ़वाल का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। वह अपनी नई जिम्मेदारी के साथ इस महत्वपूर्ण जनपद का प्रशासनिक नेतृत्व संभालेंगी। इसी तरह, प्रशांत कुमार आर्य को उत्तरकाशी जिले का जिलाधिकारी बनाया गया है, जहां वे जिले के विकास और प्रशासनिक कार्यों को दिशा देंगे। रुद्रप्रयाग जिले की कमान अब प्रतीक जैन को सौंपी गई है, जो वहां के जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण करेंगे। वहीं, चंपावत जिले के लिए मनीष कुमार को नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। इन सभी अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने-अपने जिलों में विकास कार्यों को गति प्रदान करेंगे और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएंगे।

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इसके अतिरिक्त, हाल ही में हुई एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बाद उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूकाडा) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को भी उनके पद से हटा दिया गया है। इस घटना ने प्रशासनिक स्तर पर कई सवाल खड़े किए थे, जिसके परिणामस्वरूप यह कार्रवाई की गई। साथ ही, पर्यटन विभाग में लंबे समय से कार्यरत सचिन कुर्बे को भी उनके पद से हटाया गया है। उनकी जगह नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना है, जिससे विभाग में नए दृष्टिकोण और कार्यशैली को बढ़ावा मिल सके।

नए जिलाधिकारियों और अन्य अधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में कई चुनौतियां होंगी, जैसे कि बुनियादी ढांचे का विकास, पर्यटन को बढ़ावा देना, आपदा प्रबंधन, और स्थानीय समस्याओं का समाधान। खासकर पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चंपावत जैसे पहाड़ी जिलों में भूस्खलन, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी भी इन अधिकारियों की प्राथमिकताओं में शामिल होगी।

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