Jharkhand Students Protest : बता दें कि इन दिनों रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों द्वारा आंदोलन जारी है। जैसे दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन हुआ था। वैसे ही रांची में भी छात्रों और समर्थकों की भीड जमी हुई है।
दरअसल झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितता और धांधली के खिलाफ 25 जुलाई से शुरु हुए छात्र आंदोलन को 10 दिन हो चुके हैं और यह अपने चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है।
अब आंदोलन कर रहे छात्र दो विभाग में बंट गए है, लेकिन वो अपनी मांग पर अब भी अडे हुए है। आंदोलन कर रहे छात्रों को आरोप है कि 14वीं JPSC पीटी एग्जाम में बडे पैमाने पर अनियमितताएं हुई है। छात्रों का कहना है कि सरकार जिंदा रखे या फिर मार दें।
देवेंद्र महतो और ब्रह्मानंद का सरकार के खिलाफ अनशन
रांची में छात्र आंदोलन झारखंड लोकतांत्रिक क्रांति मोर्चा के देवेंद्र महतो कर रहे है, जो कि झारखंड छात्र आंदोलन का चेहरा बने हुए है। महतो JLKM के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड चुके है।
वहीं ब्रह्मानंद खुले आसमान के नीचे बारिश के पानी में भूख हडताल कर रहे है। वो जयपाल सिंह मुंडा के स्टैचू के नीचे ही अपना आमरण अनशन कर रहे है। ब्रह्मानंद का आरोप है कि छात्रों के अधिकार और हक पर सरकार द्धारा डाका डाला जा रहा है।
छात्र बोले - सरकार जिंदा रखें या मार दें
रांची की सविता भूख हडताल है। सविता अकाउंट्स ऑनर्स की छात्रा है। उनका आरोप है कि जिस 14वें सिविल सर्विस एग्जाम्स को रद्द करने की मांग उठ रही है, वो उन्होंने दिया था। अगर बेईमानी नहीं होती तो उनका सिलेक्शन पक्का था।
गढवा के रुपेश इंग्लिश में पोस्ट ग्रेजुएट है। उन्होंने 2015 में निकलने वाली JSSC CGL की वैकेंसी के लिए 2024 में परीक्षा दी। लेकिन वह धांधली की भेंट चढ गई। कोर्ट से भी मिली कोई राहत काम नहीं आई। ऐसे में भूगोल ऑनर्स के छात्र क्रांति का कहना है कि सरकार अब उन्हें जिंदा रखें या मार दें, वैसे भी मारना है ऐसे भी मर जाना है।

