Uttarakhand News: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के पहले चरण के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। नई सूची के अनुसार उत्तराखंड में  8,26,977 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। अब निर्वाचन आयोग ने दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।

ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार उत्तराखंड में कुल 8,26,977 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। सबसे अधिक नाम देहरादून और ऊधमसिंह नगर जिलों से हटाए गए हैं।

जिलेवार हटाए गए मतदाताओं की संख्या 

जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक 1,86,008 मतदाताओं के नाम देहरादून से हटाए गए हैं। इसके बाद ऊधमसिंह नगर में 1,77,673, हरिद्वार में 1,30,203, नैनीताल में 71,810, अल्मोड़ा में 55,485, पौड़ी गढ़वाल में 51,359 और टिहरी गढ़वाल में 43,625 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। वहीं पिथौरागढ़ में 27,436, चमोली में 23,436, उत्तरकाशी में 18,405, चंपावत में 17,718, बागेश्वर में 13,010 तथा रुद्रप्रयाग में 10,809 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए हैं।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि SIR के पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उत्तराखंड में 71,33,785 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि सत्यापन के दौरान करीब 19 लाख गणना फॉर्म में विभिन्न प्रकार की त्रुटियां पाई गई हैं। ऐसे सभी मतदाताओं को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराने का अवसर दिया जाएगा।

इस तारीख से चलेगी दावा-आपत्ति प्रकिया 

निर्वाचन विभाग के अनुसार 14 जुलाई से 11 सितंबर तक दावा और आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। इस दौरान प्राप्त सभी आवेदनों का निस्तारण करने के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

नाम जुड़वाना, हटवाना या सुधार कराना है? जानिए कौन-सा फॉर्म भरें

यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हुआ है, तो वह फॉर्म-6 भरकर नया आवेदन कर सकता है। इसके अतिरिक्त मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए फॉर्म 7 और नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार के लिए फॉर्म 8 भर सकते हैं। 

निर्वाचन विभाग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांच लें और किसी भी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित समय के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज कराएं।

क्यों महत्वपूर्ण है SIR प्रक्रिया?

मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण चुनाव प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जाता है। इसका उद्देश्य मृत, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नाम हटाकर सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि आगामी चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सकें।