उपराष्ट्रपति पद के लिए NDA ने सीपी राधाकृष्णन को बनाया उम्मीदवार

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने आगामी उपराष्ट्रपति पद के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवा…

उपराष्ट्रपति पद के लिए NDA ने सीपी राधाकृष्णन को बनाया उम्मीदवार — Politics news photo

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने आगामी उपराष्ट्रपति पद के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। यह घोषणा रविवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने की, जिसमें उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन एनडीए के उम्मीदवार होंगे।

9 सितंबर को होगा चुनाव

उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होने वाला है, जबकि नामांकन की अंतिम तिथि 22 अगस्त है। मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह चुनाव हो रहा है। एनडीए की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एनडीए की संसद में मजबूत स्थिति को देखते हुए राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

कौन हैं सीपी राधाकृष्णन?

सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष हैं और कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। वह बीजेपी के पुराने नेता हैं, जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के साथ काम किया है। वर्तमान में वह महाराष्ट्र के राज्यपाल के पद पर हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा दक्षिण भारत में बीजेपी की मजबूती बढ़ाने में महत्वपूर्ण रही है, खासकर तमिलनाडु जैसे राज्य में जहां पार्टी की पकड़ अपेक्षाकृत कमजोर रही है।

उपराष्ट्रपति पद के लिए सीपी राधाकृष्णन उम्मीदवार

जेपी नड्डा ने घोषणा करते हुए कहा, "हम सभी विपक्षी नेताओं से संपर्क करेंगे ताकि अगला उपराष्ट्रपति सर्वसम्मति से चुना जा सके।" उन्होंने राधाकृष्णन की योग्यता पर जोर देते हुए कहा कि वह अनुभवी नेता हैं और राष्ट्र की सेवा में समर्पित हैं।

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उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों द्वारा किया जाता है। लोकसभा और राज्यसभा में एनडीए के पास बहुमत है, जिससे उनके उम्मीदवार की जीत की संभावना मजबूत है। हालांकि, विपक्षी दल अभी भी अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि विपक्ष एकजुट होकर किसी मजबूत उम्मीदवार को मैदान में उतार सकता है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

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