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उत्तराखंड के साढ़े पांच साल के चित्रांश पांडे का कमाल: इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज!

Authored by: Bhupendra Panwar
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Published on: 16 March 2026, 7:40 am IST
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उत्तराखंड के साढ़े पांच साल के चित्रांश पांडे का कमाल: इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज!

पिथौरागढ़ के एक नन्हें बालक ने साढ़े पांच साल की उम्र में वो कर दिखाया है जो बड़े-बड़े लोग भी सोच नहीं सकते। जी हां, उत्तराखंड के साढ़े पांच साल के चित्रांश पांडे का नाम अब इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है। एशियन एकेडमी स्कूल के यूकेजी के इस मेधावी छात्र ने हनुमान चालीसा से लेकर आवर्त सारणी के 118 तत्वों तक सब कुछ बिना रुके सुनाकर सबको हैरान कर दिया। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि इतनी छोटी उम्र में कोई बच्चा इतना कुछ याद रख पाए?

उत्तराखंड के चित्रांश पांडे ने क्या रिकॉर्ड बनाया?

चित्रांश पांडे ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों के सामने एक के बाद एक कई चीजें दोहराईं। हनुमान चालीसा का पूरा पाठ, सूर्य नमस्कार का मंत्र, भारतीय प्रतिज्ञा, फिर आवर्त सारणी के 118 तत्व। बस यहीं नहीं रुके, उन्होंने 195 देशों की राजधानियां और मुद्राएं, G-20 देशों की राजधानियां, भारत के 28 राज्यों की राजधानियां और आरटीओ कोड, 17 राष्ट्रीय दिवस, 28 केंद्रीय मंत्रियों के नाम, 15 प्रधानमंत्रियों के नाम, 40 संक्षिप्तियां, 10 भारतीय मुद्रा नोट और 10 अंग्रेजी उद्धरण भी बयां कर दिए।

5 साल 6 महीने की उम्र (14 जुलाई 2020 को जन्मे) में 6 फरवरी 2026 को यह उपलब्धि हासिल कर चित्रांश अब आधिकारिक तौर पर ‘IBR Achiever’ बन गए हैं। पिथौरागढ़ से निकला यह छोटा सा जीनियस पूरे उत्तराखंड का गौरव बन गया है।

एशियन एकेडमी स्कूल में पढ़ने वाला चित्रांश रोजाना स्कूल जाता है और घर पर भी माता-पिता के मार्गदर्शन में ये सब याद करता रहा। कोई कोचिंग, कोई स्पेशल ट्रेनिंग नहीं, बस लगन और थोड़ी सी जिज्ञासा। स्कूल के प्रबंधक स्वामी वीरेंद्रानंद कहते हैं, “छोटी सी उम्र में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराकर चित्रांश ने पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि सिर्फ चित्रांश की नहीं, पूरे विद्यालय परिवार की है।” सुनकर लगता है ना कि काश हमारी उम्र में भी इतनी याददाश्त होती! लेकिन चित्रांश ने दिखा दिया कि उम्र कोई बाधा नहीं, बस दिल में लगन होनी चाहिए।

स्कूल और परिवार की खुशी

जैसे ही खबर फैली, स्कूल में जश्न का माहौल बन गया। टीचर्स, सहपाठी सब चित्रांश को बधाई दे रहे हैं। परिवार भी गदगद है। पिथौरागढ़ के लोग कह रहे हैं – “हमारे यहां का बच्चा देशभर में चमक रहा है।” सोशल मीडिया पर भी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। हर कोई पूछ रहा है अगला रिकॉर्ड क्या होगा?

यह उपलब्धि सिर्फ एक बच्चे की नहीं, बल्कि उन मां-बाप और टीचर्स के लिए भी प्रेरणा है जो बच्चों को किताबों से आगे सोचने देते हैं। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में जहां शिक्षा को लेकर हमेशा चर्चा होती है, चित्रांश ने साबित कर दिया कि यहां के बच्चे भी दुनिया की बराबरी कर सकते हैं।

उत्तराखंड के साढ़े पांच साल के चित्रांश पांडे की यह शुरुआत है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज होना तो बस पहला कदम है। आगे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, और भी बड़े मंच इंतजार कर रहे हैं। स्कूल वाले तो कह रहे हैं कि चित्रांश की लगन देखकर अन्य बच्चे भी प्रेरित हो रहे हैं।

About the Author
Bhupendra Panwar
Bhupendra Singh Panwar is a dedicated journalist reporting on local news from Uttarakhand. With deep roots in the region, he provides timely, accurate, and trustworthy coverage of events impacting the people and communities of Uttarakhand. His work focuses on delivering verified news that meets high editorial standards and serves the public interest.
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