उत्तराखंड हीटवेव: शहरों में पारा 40 पार, लोग गर्मी से बेहाल; जंगलों में धधकती आग

उत्तराखंड के शहर इन दिनों हीटवेव के चलते चूल्हे की तरह तप रहे हैं। देहरादून, हरिद्वार, रुड़की और ऊधम सिंह नगर जैसे इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहु…
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उत्तराखंड हीटवेव: शहरों में पारा 40 पार, लोग गर्मी से बेहाल; जंगलों में धधकती आग — Uttarakhand news photo
उत्तराखंड हीटवेव: शहरों में पारा 40 पार, लोग गर्मी से बेहाल; जंगलों में धधकती आग — Uttarakhand news photo

उत्तराखंड के शहर इन दिनों हीटवेव के चलते चूल्हे की तरह तप रहे हैं। देहरादून, हरिद्वार, रुड़की और ऊधम सिंह नगर जैसे इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। सुबह 10 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। जो लोग मजबूरी में बाहर निकल रहे हैं, वे गर्म हवा के थपेड़ों से घुटन महसूस कर रहे हैं।

लोगों की हालत बेहद खराब है। खासकर बुजुर्ग और छोटे बच्चे गर्मी की चपेट में आ गए हैं। कई जगहों पर हीट स्ट्रोक के केस सामने आए हैं। बाजारों में दुकानदार भी दोपहर में जल्दी बंद कर रहे हैं। किसान खेतों में काम करने का समय बदल रहे हैं, सुबह जल्दी और शाम को। लेकिन गर्मी इतनी कि पानी भी गरम हो जाता है।

जंगलों में आग ने स्थिति और बिगाड़ दी है। पौड़ी, चमोली और नैनीताल के जंगलों में पिछले कुछ दिनों से आग की लपटें देखी जा रही हैं। सूखी पत्तियां, कम नमी और तेज हवा की वजह से आग तेजी से फैल रही है। वन विभाग की टीमें लगातार मेहनत कर रही हैं, लेकिन कुछ जगहों पर आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया है। दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई। जंगल की आग बुझाते समय स्थानीय निवासी की हालत बिगड़ गई और उसे बचाया नहीं जा सका। यह खबर सुनकर पूरा इलाका सदमे में है। परिवार वाले कह रहे हैं कि वह रोज की तरह आग पर पानी डालने गया था, लेकिन गर्मी और धुएं ने उसे घेर लिया।

उत्तराखंड में हीटवेव को लेकर सरकार की अपील

उत्तराखंड सरकार ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिनों तक हीटवेव चलने का अलर्ट जारी किया है। स्कूलों में दोपहर की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में अतिरिक्त बेड और दवाइयां तैयार रखने को कहा है। साथ ही लोगों से सुबह-शाम हल्के कपड़े पहनने, ज्यादा से ज्यादा पानी पीने और बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

यह गर्मी सिर्फ शहरों तक ही सीमित नहीं है। पहाड़ी इलाकों में भी तापमान बढ़ने से बर्फ पिघल रही है और छोटी-छोटी नदियों में पानी कम हो गया है। पर्यटक भी कम हो रहे हैं क्योंकि गर्मी में घूमना मुश्किल हो गया है। होटल मालिकों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। घर के बुजुर्गों और बच्चों का खास ख्याल रखें। ठंडा पानी, छाछ और फल ज्यादा लें। बाहर निकलें तो छाता या टोपी जरूर साथ रखें। अगर किसी को चक्कर आए, उल्टी हो या बेहोशी जैसी स्थिति हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

मौसम विभाग के अनुसार कुछ दिनों बाद हल्की बारिश की संभावना है जो गर्मी से राहत दे सकती है। तब तक सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। उत्तराखंड की इस भीषण गर्मी ने सबको याद दिला दिया है कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है।

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