बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक की और से भेजे गए प्रस्ताव को केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही देश में जल्द ही 10 रुपए और 20 रुपए की पॉमिलर नोट यानी प्लास्टिक की करेंसी देखने को मिलेगी। संसद में सरकार की और से ये महत्वपूर्ण जानकारी शेयर की गई है।

जानकारी के अनुसार 10 रुपए और 20 रुपए मूल्य के करेंसी नोटों को सबसे पहले फील्ड ट्रायल के लिए जारी किया जाएगा और इसके सफल होने पर इसे नियमित किया जाएगा।

100-100 करोड नोटों का किया जाएगा फील्ड ट्रायल

केंद्र की मोदी सरकार की और से संसद में प्लास्टिक के नोटों से जुडी महत्वपूर्ण जानकारी शेयर की गई है। इसमें आरबीआई के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए सरकार ने बताया है कि 10 रुपए और 20 रुपए के 100-100 करोड पोलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा। इस ट्रायल के सफल होने के बाद इन प्लास्टिक के नोट्स को नियमित जारी करने की योजना है।

बाजार में मौजूद कागजी नोटों का क्या होगा?

सरकार की और से 10-20 रुपए के प्लास्टिक नोटों के ट्रायल के बारे में अपडेट जारी करते हुए ये भी साफ किया गया है कि वर्तमान में सर्कुलेशन में मौजूद कागजी नोटों पर इसका कोई असर नहीं होगा। मतलब कि कागजी नोट बंध नहीं है।

लेकिन पॉलिमर नोटों के साथ ही बाजार में मौजूद रहेंगे। इसके साथ सरकार ने कहा है कि फिलहाल कागजी करेंसी को पूरी तरह से रिप्लेस करके पॉलिमर नोटों से बदलाव करने का कोई ईरादा नहीं है।

पहली बार कहां बने थे प्लास्टिक के नोट?

पॉलिमर से बने नोट भारत में पहली बार सर्कुलेशन में लाने की तैयारी की जा रही है। लेकिन सबसे पहली बार ऑस्ट्रेलिया ने इसे 1988 की साल में पेश किया था। वही अब 50 से अधिक देशो में इसका उपयोग किया जाता है।

प्लास्टिक के नोट्स कागजी करेंसी के मुकाबले में अधिक टिकाऊ, नकली नोट बनाने में मुश्किल और लंबी आयु वाला माना जाता है। इसमें छपाई की लॉन्गटर्म लागत कम आती है।