देहरादून जिला प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करते हुए नवादा परिसर के जंगल क्षेत्र में बनी एक मजार को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई सरकारी वन भूमि पर बिना अनुमति निर्मित ढांचे को हटाने के लिए की गई। प्रशासन ने इसे पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत अंजाम दिया और कहा कि सरकारी संपत्ति की रक्षा उनकी प्राथमिकता है।
देहरादून में अवैध मजार ध्वस्त
जिला प्रशासन को नवादा क्षेत्र में सरकारी वन भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत मिली थी। विभिन्न संगठनों ने इस मजार के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके बाद प्रशासन ने जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि मजार का निर्माण बिना किसी वैधानिक अनुमति के किया गया था। इसके बाद मजार के संरक्षकों को नोटिस जारी किया गया।
नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह और उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि के नेतृत्व में प्रशासन की टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से इस अवैध ढांचे को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। एक अधिकारी ने बताया, “हमने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
यह कार्रवाई देहरादून और उत्तराखंड के अन्य हिस्सों में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। हाल के महीनों में देहरादून में कई ऐसी संरचनाएं हटाई गई हैं, जिनमें मेडिकल कॉलेज परिसर और रेलवे भूमि पर बने ढांचे शामिल हैं। नवादा की यह मजार भी राजकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर के पास जंगल में बनाई गई थी, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर भी विवाद बढ़ रहा था।
जिला प्रशासन ने कहा कि वह अवैध अतिक्रमण की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई जारी रखेगा। मुख्यमंत्री पोर्टल के जरिए मिलने वाली शिकायतों को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।