चेतेश्वर पुजारा ने भारतीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की
Cheteshwar Pujara retirement: भारतीय टेस्ट क्रिकेट के मजबूत स्तंभ चेतेश्वर पुजारा ने आज सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। 37 वर्षीय इस दिग्गज बल्लेबाज ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट में लिखा, “सभी अच्छी चीजों का अंत होता है, और मैं पूरे आभार के साथ भारतीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले रहा हूं।”
पुजारा ने 2010 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी और 103 टेस्ट मैचों में 7,195 रन बनाए, जिसमें 19 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 43.60 रहा। वनडे क्रिकेट में उन्होंने केवल 5 मैच खेले और 51 रन बनाए, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनकी शुरुआत नहीं हुई। उनकी रक्षात्मक तकनीक और धैर्य ने उन्हें ‘द वॉल 2.0’ का खिताब दिलाया, जो राहुल द्रविड़ की शैली से प्रेरित था।
पुजारा का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। 2018-19 और 2020-21 की टेस्ट सीरीज में उनकी महत्वपूर्ण पारियों ने भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई। खास तौर पर 2021 में गाबा में उनकी 56 रनों की पारी ने भारत को ब्रिस्बेन में पहली टेस्ट जीत दिलाई। इसके अलावा, 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ 206 रनों की पारी उनकी सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक है।
चेतेश्वर पुजारा ने लिया संन्यास
घरेलू क्रिकेट में सौराष्ट्र के लिए खेलते हुए पुजारा ने रणजी ट्रॉफी में भी शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि, हाल के वर्षों में युवा खिलाड़ियों के उभरने और टीम से बाहर होने के बाद यह संन्यास का फैसला रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन से पहले आया है। उनका आखिरी टेस्ट जून 2023 में था।
फैंस और क्रिकेट बिरादरी ने सोशल मीडिया पर पुजारा के योगदान की सराहना की। बीसीसीआई ने भी उनके समर्पण और उपलब्धियों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। पुजारा का संन्यास भारतीय टेस्ट क्रिकेट में एक युग के अंत का प्रतीक है। उनके प्रशंसक उन्हें हमेशा एक धैर्यवान और दृढ़ बल्लेबाज के रूप में याद रखेंगे।