राधा अष्टमी 2025: जानें तिथि, महत्व और पूजा का शुभ समय
राधा अष्टमी 2025: हिंदू धर्म में भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी कहा जाता है। यह दिन भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय राधा रानी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि राधारानी की भक्ति से ही भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है।
इस वर्ष राधा अष्टमी 21 सितंबर 2025, रविवार को मनाई जाएगी।
अष्टमी तिथि प्रारंभ: 21 सितंबर, रविवार को सुबह 04:12 बजे
अष्टमी तिथि समाप्त: 22 सितंबर, सोमवार को सुबह 01:57 बजे
विधिवत पूजन और व्रत का शुभ समय 21 सितंबर को प्रातःकाल से लेकर दोपहर तक रहेगा।
राधा अष्टमी का महत्व
मान्यता है कि राधारानी के बिना श्रीकृष्ण अधूरे हैं।
राधा अष्टमी के दिन राधारानी और श्रीकृष्ण दोनों की एक साथ पूजा करने से जीवन में प्रेम, सुख और समृद्धि आती है।
इस दिन राधा नाम का जप करने से पापों का नाश होता है और भक्ति मार्ग में सिद्धि मिलती है।
पूजा पद्धति
प्रातः स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें।
घर या मंदिर में राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित करें।
फूल, मिष्ठान्न, पंचामृत और तुलसी पत्र चढ़ाएं।
राधा जी की आरती करें और राधा-कृष्ण नाम का संकीर्तन करें।
दिन भर व्रत रखकर संध्या के समय कथा सुनें।
ब्रजभूमि (वृंदावन और बरसाना) में राधा अष्टमी का उत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। बरसाना में राधारानी का जन्मोत्सव देखने हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।