भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। तेल कंपनियों ने आज एक बार फिर छोटी बढ़ोतरी कर दी है। पेट्रोल की कीमत में 0.86 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 0.83 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। यह बदलाव देश के ज्यादातर शहरों और राज्यों में तुरंत लागू हो गया है। सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर इसकी चर्चा चल रही है।
इस बढ़ोतरी के बाद आम लोग फिर से परेशान नजर आ रहे हैं। खासकर उन लोगों को ज्यादा असर पड़ेगा जिन्हें रोजाना बाइक या कार से ऑफिस जाना पड़ता है। ट्रांसपोर्ट का खर्चा बढ़ने से किराने की चीजों और सब्जियों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। बाजार में पहले से ही महंगाई का बोझ झेल रहे परिवारों के लिए यह खबर अच्छी नहीं है।
दरअसल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी-थोड़ी बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसी वजह से भारतीय तेल कंपनियां भी अपने दामों में बदलाव कर रही हैं। पिछले कुछ हफ्तों में भी कई बार ऐसी छोटी-छोटी बढ़ोतरी हुई थी। सरकार की तरफ से अभी कोई राहत पैकेज या सब्सिडी की घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में आम जनता को ही इस बढ़ोतरी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
भारत में पेट्रोल डीजल के दाम बढ़े
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि सुबह से ही ग्राहक ज्यादा सावधानी से ईंधन भरवा रहे हैं। कई लोग कम मात्रा में पेट्रोल-डीजल ले रहे हैं ताकि बजट बिगड़े नहीं। शहरों में ऑटो और टैक्सी ड्राइवर भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि किराया बढ़ाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है।
सरकार और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हुआ तो कीमतें फिर कम हो सकती हैं। लेकिन फिलहाल आम आदमी को सलाह दी जा रही है कि ईंधन का जितना जरूरी हो उतना ही इस्तेमाल करें। कार पूलिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल और बेकार यात्राएं कम करने से थोड़ी बचत हो सकती है।
कुल मिलाकर यह छोटी बढ़ोतरी भले ही पैसे में कम लग रही हो लेकिन लंबे समय में परिवार के बजट पर इसका असर साफ दिखेगा। आम लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही सरकार कोई ठोस कदम उठाएगी ताकि पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहें।
