देशभर में एक बार फिर ईंधन की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। पेट्रोल की कीमत अब 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है जबकि डीजल भी 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। तीन रुपये की यह बढ़ोतरी हर रोज गाड़ी चलाने वाले, ट्रक ड्राइवरों और आम परिवारों के लिए बड़ा झटका साबित हो रही है।
कीमतें बढ़ने का असर आम आदमी पर
जो लोग रोज ऑफिस या स्कूल जाते हैं उनके लिए पेट्रोल का खर्चा अचानक काफी बढ़ गया है। पहले जहां 50 लीटर पेट्रोल 4738 रुपये में भर जाता था अब वही 4888 रुपये का हो गया है। मतलब हर टैंक भरने पर 150 रुपये ज्यादा लग रहे हैं। छोटे शहरों और गांवों में डीजल पर चलने वाले ट्रैक्टर, टैम्पो और बसों का किराया भी बढ़ने वाला है। नतीजा यह कि सब्जी, दूध, आटा जैसी रोजमर्रा की चीजें महंगी हो जाएंगी।
ट्रक और बस मालिकों के लिए डीजल की बढ़ी हुई कीमत सीधा घाटा है। एक ट्रक ड्राइवर बताते हैं कि पहले 100 किलोमीटर पर 5000 रुपये खर्च होता था अब 5200 रुपये से ज्यादा लग रहा है। इससे माल ढुलाई का खर्चा बढ़ेगा और बाजार में हर चीज की कीमत पर असर पड़ेगा। छोटे व्यापारी और ऑटो-टैक्सी वाले भी परेशान हैं क्योंकि ग्राहक कम किराया देने को तैयार नहीं होते लेकिन खर्चा बढ़ गया है।
पेट्रोल डीजल की कीमत में क्यों हुई बढ़ोतरी
ताजा जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और घरेलू स्तर पर टैक्स स्ट्रक्चर के कारण यह बदलाव आया है। सरकार ने हालांकि तुरंत कोई नई घोषणा नहीं की लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक घटनाओं का असर भारत की पेट्रोल-डीजल कीमतों पर पड़ रहा है। आम लोग सोच रहे हैं कि क्या आगे भी और बढ़ोतरी हो सकती है।
बढ़ती महंगाई से खुद को कैसे बचाएं
इस महंगाई के दौर में कुछ छोटी-छोटी आदतें बदलकर आपका खर्चा कम किया जा सकता है। सबसे पहले जरूरत से ज्यादा गाड़ी न चलाएं। कारपूलिंग या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। बाइक या कार का माइलेज चेक करवाएं और जहां जरूरी हो वहां सर्विस करवाएं। घर से ऑफिस का रूट प्लान करके अनावश्यक घूमने से बचें। कई लोग अब सीएनजी किट लगवा रहे हैं क्योंकि लंबे समय में यह सस्ता पड़ रहा है।
अभी तक केंद्र सरकार की तरफ से कोई राहत पैकेज की घोषणा नहीं हुई है लेकिन कई राज्य सरकारें लोकल स्तर पर कुछ छूट देने की बात कर रही हैं। पेट्रोलियम कंपनियां भी लगातार कीमतों की समीक्षा कर रही हैं। आम लोगों की उम्मीद है कि जल्द ही कोई सकारात्मक कदम उठाया जाएगा ताकि महंगाई का बोझ कम हो।
एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगले कुछ हफ्तों में स्थिति स्थिर हो सकती है लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें और बढ़ीं तो और उछाल आ सकता है। इस बीच हर नागरिक को अपनी गाड़ी का इस्तेमाल स्मार्ट तरीके से करना चाहिए। पेट्रोल-डीजल की यह बढ़ोतरी सिर्फ एक नंबर नहीं बल्कि हर घर के बजट को छूने वाली खबर है।
