पिथौरागढ़: धारचूला तहसील के जारा-जिबली पोस्ट ऑफिस से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। डाक वितरण में कथित लापरवाही और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद शुरू हुई विभागीय जांच में अब नया खुलासा सामने आया है। जांच के दौरान पोस्ट ऑफिस परिसर से बड़ी संख्या में डाक सामग्री और पत्र थैलों में रखे हुए मिलने की बात सामने आई है। यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक महिला डाक कर्मचारी और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस होती दिखाई दी। वीडियो के वायरल होने के बाद ग्रामीणों ने डाक वितरण में अनियमितताओं और समय पर सेवाएं नहीं मिलने की शिकायतें उठाईं।

स्थानीय क्षेत्र पंचायत सदस्य और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता रमेश धामी समेत कई ग्रामीणों ने डाक विभाग से मामले की जांच की मांग की थी। शिकायतों के आधार पर विभागीय स्तर पर जांच शुरू की गई और पोस्ट ऑफिस इंस्पेक्टर को मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारी को पोस्ट ऑफिस परिसर के एक कमरे में थैलों में बड़ी मात्रा में डाक सामग्री रखी हुई मिली। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इनमें से कई डाक लंबे समय से संबंधित लोगों तक नहीं पहुंचाई गई थीं। हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम आधिकारिक रिपोर्ट जारी नहीं की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि पोस्ट ऑफिस अक्सर निर्धारित समय पर नहीं खुलता, जिसके कारण दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका आरोप है कि जरूरी दस्तावेज, सरकारी पत्र और अन्य डाक प्राप्त करने के लिए उन्हें कई बार पोस्ट ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे पहले वायरल हुए एक अन्य वीडियो में डाक वितरण को लेकर स्थानीय प्रतिनिधियों और पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों के बीच विवाद देखने को मिला था। इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों की नाराजगी बढ़ गई और सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

ग्रामीणों ने भारतीय डाक विभाग और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमांत क्षेत्र होने के कारण धारचूला में डाक सेवाओं का विशेष महत्व है। ऐसे में डाक वितरण में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही से आम लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

फिलहाल विभागीय जांच जारी है और सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।