सर्दी का मौसम अब अपने पूरे रंग में आ गया है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में पिछले कुछ दिनों से जमकर बर्फबारी हो रही है, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया है। लेकिन राहत की कोई उम्मीद नहीं है, क्योंकि मौसम विभाग (IMD) ने एक नए पश्चिमी विक्षोभ की चेतावनी दी है। 26 जनवरी से फिर से भारी बर्फबारी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू होने वाला है। इससे न सिर्फ पहाड़ों पर बर्फ की मोटी परत जमेंगी, बल्कि मैदानी इलाकों में भी कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है।
उत्तर भारत में कहां होगी सबसे ज्यादा बर्फबारी?
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊँचे इलाकों में 26 से 28 जनवरी तक भारी बर्फबारी होने की संभावना है। श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम, शिमला, मनाली, धर्मशाला, कुल्लू, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे जगहों पर कई फीट बर्फ जम सकती है। कुछ जगहों पर ओले गिरने और तेज हवाओं का भी अलर्ट है।
पिछले दिनों हुई बर्फबारी से कई सड़कें बंद हो चुकी हैं और कई पर्यटक फंस गए हैं। उत्तराखंड और हिमाचल में कई जगहों पर लोग बर्फ में फंसे हुए हैं, और बचाव कार्य चल रहा है। अब नया विक्षोभ आने से स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मैदानी इलाकों पर क्या असर पड़ेगा?
पहाड़ों की बर्फबारी का असर सीधे मैदानों पर भी दिखेगा। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 26 जनवरी से बारिश होने की संभावना है। बारिश के बाद तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट आएगी, जिससे शीतलहर का खतरा बढ़ जाएगा। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 4-5 डिग्री तक गिर सकता है, और सुबह-शाम गलन बहुत ज्यादा होगी। कोहरा भी छाया रहेगा, जिससे ट्रैफिक और उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं।
पर्यटकों के लिए खुशी, लेकिन सावधानी जरूरी
बर्फबारी की खबर सुनकर पर्यटक बहुत खुश हैं। मनाली, शिमला और गुलमर्ग जैसे हिल स्टेशन पर बुकिंग्स बढ़ गई हैं। सफेद बर्फ में फोटो खिंचवाना, स्नो एक्टिविटी करना, सबके लिए ये मौसम परफेक्ट है। लेकिन याद रखें, ज्यादा बर्फबारी से सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं और लैंडस्लाइड का खतरा रहता है।