Ketan Lal Murder Case:  उत्तराखंड के चर्चित केतन हत्याकांड में हाईकोर्ट ने अहम आदेश जारी किया है। अदालत ने मामले में दायर दूसरी याचिका पर सुनवाई करते हुए जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि वह किशोरी और उसके पक्ष को भी सुने। हाईकोर्ट ने कहा कि जांच निष्पक्ष और सभी पक्षों को सुनकर की जानी चाहिए। न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका का निस्तारण करते हुए जांच अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

क्या है केतन हत्याकांड का पूरा मामला 

टिहरी गढ़वाल के लंबगांव क्षेत्र में 8 जून 2026 को केतन लाल की हत्या का मामला सामने आया था। मृतक के पिता की शिकायत के अनुसार, उन्हें फोन पर बताया गया कि उनके बेटे और उसके साथी के साथ मारपीट की गई है। बाद में केतन गंभीर हालत में मिला, जिसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस पहले से हत्या की जांच कर रही है।

मामले में अब किशोरी की मां ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिका में कहा गया कि घटना वाली रात उनकी 14 वर्षीय बेटी घर के ऊपरी कमरे में सो रही थी। देर रात जब वह शौच के लिए बाहर गई तो केतन लाल और उसका साथी कथित तौर पर कमरे में घुस गए और अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि किशोरी के साथ जबरदस्ती करने और दुराचार का प्रयास किया गया। विरोध करने पर किशोरी के शरीर पर चोटें और खरोंच आईं।

पुलिस पर भी लगे गंभीर आरोप 

याचिकाकर्ता का कहना है कि घटना की शिकायत स्थानीय थाना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और जिला प्रशासन से की गई थी, लेकिन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि पुलिस केवल केतन हत्याकांड की एकतरफा जांच कर रही है और दूसरे पक्ष की बात नहीं सुनी जा रही।

हाईकोर्ट ने दिए निर्देश 

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि वह किशोरी के पक्ष को भी सुने और जांच के दौरान उसके बयान पर भी विचार करे। अदालत ने फिलहाल किसी भी आरोप पर टिप्पणी नहीं की है और मामले की निष्पक्ष जांच पर जोर दिया है।