Dehradun News: उत्तराखंड के देहरादून जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का एक और उदाहरण सामने आया है। लाखामंडल क्षेत्र में अवैध वसूली की शिकायत पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस मामले की विस्तृत जांच के लिए विकासनगर तहसीलदार को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
देहरादून में पटवारी निलंबित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है, जो राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पटवारी जयलाल शर्मा किसानों, काश्तकारों, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के लोगों से नकद तथा ऑनलाइन माध्यम से अवैध रूप से धनराशि वसूल रहे थे। यह मामला जौनसार-बावर क्षेत्र के लाखामंडल में सामने आया, जहां स्थानीय निवासियों ने पटवारी की गतिविधियों की शिकायत की थी।
जानकारी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने तुरंत संज्ञान लिया और पटवारी को निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन के दौरान पटवारी को रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अधिकारी के रूप में विकासनगर तहसीलदार की नियुक्ति की गई है, जो पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करेंगे और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ऑडियो
इस घटना से जुड़ा एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें पटवारी की अवैध वसूली से संबंधित बातचीत कथित रूप से रिकॉर्ड की गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामलों में जिला प्रशासन शून्य सहिष्णुता की नीति पर कार्य कर रहा है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई राज्य सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपनाया जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि जांच से सच्चाई सामने आएगी। मामले की आगे की जांच जारी है, और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।