Current Date
ad

चैत्र नवरात्रि 2026 कब से शुरू? 19 मार्च से घटस्थापना मुहूर्त और पूरा कैलेंडर

Authored by: Bhupendra Panwar
|
Published on: 6 March 2026, 7:20 am IST
Subscribe
चैत्र नवरात्रि 2026 कब से शुरू? 19 मार्च से घटस्थापना मुहूर्त और पूरा कैलेंडर

क्या आप भी इंतजार कर रहे हैं उस पवित्र समय का जब घर-घर में मां दुर्गा की पूजा की धूम मच जाती है? जी हां, चैत्र नवरात्रि 2026 बस आने वाली है। इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगी। हिंदू नव वर्ष की शुरुआत के साथ ही यह त्योहार नई ऊर्जा और भक्ति का संचार करता है। लाखों श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखेंगे, पूजा करेंगे और मां के अलग-अलग रूपों की आराधना में डूब जाएंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस बार की नवरात्रि में क्या खास है? आइए, जानते हैं पूरी डिटेल।

चैत्र नवरात्रि का महत्व क्या है?

नवरात्रि का नाम सुनते ही मन में मां दुर्गा की छवि उभर आती है, है न? यह त्योहार सदियों से भारतीय संस्कृति का हिस्सा रहा है। चैत्र नवरात्रि, जिसे वसंत नवरात्रि भी कहते हैं, चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष से शुरू होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां दुर्गा ने नौ दिनों तक असुरों से युद्ध किया और दसवें दिन विजय प्राप्त की। यही वजह है कि यह पर्व शक्ति, साहस और भक्ति का प्रतीक है।

आज के दौर में, जब जीवन की भागदौड़ में लोग थक जाते हैं, नवरात्रि जैसे त्योहार उन्हें रिचार्ज करने का मौका देते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि क्यों लाखों लोग व्रत रखते हैं? क्योंकि यह न सिर्फ धार्मिक है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद। व्रत से बॉडी डिटॉक्स होती है, और मन शांत रहता है। इस साल 2026 में, जब दुनिया तेजी से बदल रही है, यह त्योहार हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखेगा।

चैत्र नवरात्रि 2026 की तिथियां और कैलेंडर

तो सवाल यह है कि चैत्र नवरात्रि कब से है? पंचांग के मुताबिक, प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026 को सुबह 6 बजकर 52 मिनट से शुरू हो रही है। इसी दिन से नवरात्रि का आरंभ माना जाएगा। पूजा का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होगा, और आखिरी दिन 27 मार्च को राम नवमी के साथ समापन होगा।

  • 19 मार्च (गुरुवार): प्रतिपदा, मां शैलपुत्री पूजा और घटस्थापना।
  • 20 मार्च (शुक्रवार): द्वितीया, मां ब्रह्मचारिणी।
  • 21 मार्च (शनिवार): तृतीया, मां चंद्रघंटा।
  • 22 मार्च (रविवार): चतुर्थी, मां कुष्मांडा।
  • 23 मार्च (सोमवार): पंचमी, मां स्कंदमाता।
  • 24 मार्च (मंगलवार): षष्ठी, मां कात्यायनी।
  • 25 मार्च (बुधवार): सप्तमी, मां कालरात्रि।
  • 26 मार्च (गुरुवार): अष्टमी, मां महागौरी।
  • 27 मार्च (शुक्रवार): नवमी, मां सिद्धिदात्री और राम नवमी।

कुछ पंचांगों में तिथि में मामूली अंतर हो सकता है, लेकिन ज्यादातर में 19 मार्च से शुरू होना तय है। अगर आप दूसरे शहर में हैं, तो लोकल पंडित से कन्फर्म कर लें।

घटस्थापना और पूजा विधि के नियम

घटस्थापना का मुहूर्त क्या है? इस साल 19 मार्च को सुबह 6:52 से 10:10 बजे तक शुभ समय है। कलश स्थापित करते समय मिट्टी का कलश लें, उसमें जौ बोएं और मां का ध्यान करें। पूजा में घी का दीपक जलाएं, फल-फूल चढ़ाएं। व्रत रखने वाले लोग फलाहार ही करें, जैसे साबुदाना, कुट्टू का आटा या फल।

क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि में रंगों का भी महत्व है? हर दिन अलग रंग पहनें, जैसे पहले दिन लाल, दूसरे दिन हरा। इससे पूजा और मजेदार हो जाती है। लेकिन याद रखें, व्रत में नमक न खाएं, नहीं तो फायदा कम हो जाता है।

नवरात्रि का प्रभाव

नवरात्रि सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि सामाजिक उत्सव है। बाजारों में रौनक बढ़ जाती है, पूजा सामग्री से लेकर गरबा की तैयारी तक। पिछले सालों में देखा गया कि नवरात्रि के दौरान अर्थव्यवस्था में उछाल आता है, खासकर छोटे व्यापारियों के लिए। 2026 में, जब महंगाई की मार है, यह त्योहार लोगों को एकजुट करेगा। महिलाएं विशेष रूप से सक्रिय रहती हैं, क्योंकि यह स्त्री शक्ति का पर्व है। क्या आपको लगता है कि ऐसे त्योहार हमें सशक्त बनाते हैं? बिल्कुल, क्योंकि यह हमें सिखाता है कि चुनौतियों से कैसे लड़ें।

तो, चैत्र नवरात्रि 2026 में मां दुर्गा की कृपा बरसेगी, बस तैयारी कर लीजिए। यह समय खुद को बेहतर बनाने का है। आने वाले समय में, शारदीय नवरात्रि अक्टूबर में आएगी, जो और भी बड़ा उत्सव होगा। उम्मीद है कि ऐसे पर्व हमें एकता और सकारात्मकता की ओर ले जाएंगे। जय माता दी!

About the Author
Bhupendra Panwar
Bhupendra Singh Panwar is a dedicated journalist reporting on local news from Uttarakhand. With deep roots in the region, he provides timely, accurate, and trustworthy coverage of events impacting the people and communities of Uttarakhand. His work focuses on delivering verified news that meets high editorial standards and serves the public interest.
अगला लेख