Upi Payment Rule 2026: दोस्तों, आजकल सोशल मीडिया और WhatsApp पर एक मैसेज जोर-शोर से घूम रहा है “UPI Payment का नियम बदल गया! अब 2000 रुपये से ज्यादा के Online transaction पर चार्ज लगेगा!” कई लोग परेशान हैं। क्या सच में ऐसा हो गया? क्या अब दुकान पर पेमेंट करने या दोस्त को पैसे भेजने में भी अतिरिक्त पैसे कटेंगे? चलिए, आज हम इस पूरे मामले को खोलकर समझते हैं। मैंने NPCI, RBI और हालिया सरकारी घोषणाओं की पड़ताल की है और सच कुछ अलग है।
UPI ने भारत में पेमेंट को कैसे आसान बनाया?
याद कीजिए, कुछ साल पहले तक हम कैश लेकर घूमते थे। लाइन में लगकर बिल भरते थे। लेकिन 2016 में UPI आने के बाद सब बदल गया। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट करने वाला देश है। 2025 के आंकड़ों के मुताबिक हर महीने 1400-1500 करोड़ से ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। छोटी चाय की टपरी से लेकर बड़े मॉल तक सब जगह QR कोड स्कैन करो और पेमेंट हो गया।
और सबसे अच्छी बात? ये ज्यादातर फ्री रहा। न बैंक चार्ज लेता था, न ऐप वाले। यही वजह है कि UPI इतना पॉपुलर हुआ। लेकिन अब जब चार्ज की बात आ रही है, तो लोग डर रहे हैं। कहीं ये सुविधा महंगी न हो जाए?
आखिर Upi transaction पर चार्ज की बात कहां से आई?
ये अफवाह नई नहीं है। 2023 में NPCI ने एक सर्कुलर जारी किया था जिसमें Prepaid Payment Instruments (PPI) यानी वॉलेट से मर्चेंट पेमेंट पर अगर ट्रांजैक्शन 2000 रुपये से ज्यादा हो, तो 0.5% से 1.1% तक का इंटरचेंज फी लग सकता है। लेकिन ध्यान दें, ये फी मर्चेंट्स देते हैं, कस्टमर नहीं। यानी दुकानदार को थोड़ा खर्चा आता है, आम यूजर को नहीं।
2025-26 में भी यही नियम जारी है। कई बार अफवाह उड़ी कि कस्टमर पर भी चार्ज लगेगा या GST लगेगा – लेकिन हर बार सरकार और NPCI ने साफ किया कि ऐसा कुछ नहीं है। जनवरी 2026 में भी एक इंस्टाग्राम पोस्ट वायरल हुआ था कि 18% GST लगेगा, लेकिन वित्त मंत्रालय ने तुरंत खारिज कर दिया। फरवरी 2026 के बजट में तो सरकार ने UPI और RuPay को प्रमोट करने के लिए 2000 करोड़ रुपये की सब्सिडी तक दी है।
2026 में बदले कुछ नियम
2026 में UPI में कुछ छोटे-मोटे बदलाव जरूर आए हैं, लेकिन चार्ज से जुड़े नहीं:
- बैलेंस चेक करने की लिमिट: अब एक ऐप से दिन में 50 बार से ज्यादा बैलेंस नहीं चेक कर सकते। पहले लोग बार-बार चेक करते थे, जिससे सिस्टम पर लोड पड़ता था।
- नए UPI सेटअप पर 5000 रुपये की 24 घंटे की लिमिट।
- कुछ कैटेगरी में ट्रांजैक्शन लिमिट बढ़ाई गई है।
- लेकिन मुख्य बात – बैंक अकाउंट से डायरेक्ट UPI पेमेंट (P2P या P2M) पर कोई चार्ज नहीं है। चाहे 500 रुपये भेजो या 50,000 फ्री।
केवल वॉलेट (जैसे PhonePe वॉलेट, Paytm वॉलेट) से मर्चेंट को 2000 से ज्यादा पेमेंट करने पर मर्चेंट को इंटरचेंज फी देना पड़ सकता है। कई बड़े मर्चेंट इसे प्रोडक्ट की कीमत में ऐडजस्ट कर लेते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में कस्टमर को फर्क नहीं पड़ता।
इस अफवाह से आम लोगों पर क्या असर पड़ा?
सच कहें तो अफवाहों की वजह से कई लोग घबरा गए। कुछ ने सोचा कि अब कैश रखना पड़ेगा। छोटे दुकानदार डरे कि कस्टमर कम हो जाएंगे। लेकिन अच्छी बात ये है कि NPCI और बैंक लगातार क्लियर कर रहे हैं कि UPI आम यूजर्स के लिए फ्री रहेगा। एक सर्वे में पता चला कि 80% से ज्यादा लोग अभी भी UPI को सबसे आसान और सस्ता तरीका मानते हैं। और सरकार का प्लान भी यही है डिजिटल पेमेंट को और बढ़ावा देना।
तो दोस्तों, साफ है कि UPI पेमेंट पर 2000 रुपये से ज्यादा के transaction पर कस्टमर को कोई चार्ज नहीं लगने वाला। ये अफवाहें समय-समय पर आती रहती हैं, लेकिन सच हमेशा एक ही है। UPI आम आदमी के लिए फ्री है और रहेगा।