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उपनल आंदोलन की एक और दर्दनाक घटना, आंदोलनरत महिला कर्मी नीलम डोभाल की मौत

Authored by: Bhupendra Panwar
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Published on: 17 नवम्बर 2025, 7:24 पूर्वाह्न IST
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उपनल आंदोलन की एक और दर्दनाक घटना, आंदोलनरत महिला कर्मी नीलम डोभाल की मौत

उत्तराखंड के देहरादून में उपनल कर्मचारियों के लंबे समय से चले आ रहे आंदोलन को एक और करारा झटका लगा है। आंदोलनरत एक महिला कर्मी की ब्रेन हेमरेज से अचानक मौत हो गई। मृतका नीलम डोभाल के पति भी उपनल कर्मचारी हैं और दोनों ही पिछले एक हफ्ते से परेड ग्राउंड में चल रहे धरने में सक्रिय रूप से शामिल थे। इस घटना ने आंदोलनकारियों में गहरा सदमा पहुंचा दिया है।

नीलम डोभाल की मौत

नीलम डोभाल उपनल के माध्यम से जिला निर्वाचन कार्यालय, देहरादून में कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत थीं। परिजनों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी, लेकिन आंदोलन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता इतनी मजबूत थी कि वे धरना स्थल छोड़ने को तैयार नहीं हुईं। सोमवार सुबह उनकी हालत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उनकी मौत हो गई।

उपनल कर्मचारी महासंघ ने इस घटना को सरकार की उदासीनता से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। महासंघ के प्रवक्ता ने बताया, “सरकार ने उपनल कर्मचारियों के आंदोलन की कोई सुध नहीं ली। लंबे समय से चली आ रही मांगों, जैसे नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और पेंशन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी तनाव और डिप्रेशन के कारण नीलम जैसी समर्पित कर्मचारी की जान चली गई। यह मौत सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे आंदोलन की हत्या है।” महासंघ ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तेज होगा।

नीलम डोभाल को दी श्रद्धांजलि

आंदोलन स्थल पर दोपहर में नीलम डोभाल को सांकेतिक रूप से श्रद्धांजलि दी गई। सैकड़ों कर्मचारी और समर्थक परेड ग्राउंड में एकत्र हुए, जहां मृतका के चित्र के समक्ष मोमबत्तियां जलाकर और नारे लगाकर उन्हें याद किया गया। एक आंदोलनकारी ने भावुक होकर कहा, “नीलम दीदी हमारी प्रेरणा थीं। उनकी मौत ने हमें और मजबूत बना दिया है। हम उनके सपनों को पूरा करने के लिए लड़ते रहेंगे।”

उपनल कर्मचारियों का यह आंदोलन पिछले कई महीनों से चल रहा है, जिसमें नियमित भर्ती, महंगाई भत्ता और अन्य लाभों की मांगें प्रमुख हैं। सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने इसे “कर्मचारी शोषण का चरम” बताते हुए विधानसभा में चर्चा की मांग की है।

परिजनों ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी है, जबकि आंदोलनकारियों ने धरना जारी रखने का फैसला लिया है। यह घटना न केवल उपनल कर्मचारियों के संघर्ष को उजागर करती है, बल्कि सरकारी नीतियों की विफलता पर भी सवाल खड़े करती है।

About the Author
Bhupendra Panwar
Bhupendra Singh Panwar is a dedicated journalist reporting on local news from Uttarakhand. With deep roots in the region, he provides timely, accurate, and trustworthy coverage of events impacting the people and communities of Uttarakhand. His work focuses on delivering verified news that meets high editorial standards and serves the public interest.
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