8th Pay Commission: 1 जनवरी 2026 से लागू, लेकिन सैलरी बढ़ोतरी कब? केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी अपडेट

केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वीं वेतन आयोग (8th Pay Commission) एक बड़ा बदलाव लेकर आ रहा है। यह आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गया है, लेकिन कर्मचारियों की सैलरी में तत्काल बढ़ोतरी नहीं होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, वास्तविक सैलरी रिवीजन और एरियर का भुगतान देर से होगा, संभवतः 2027 में।

सरकार ने जनवरी 2025 में 8वीं वेतन आयोग की घोषणा की थी और अक्टूबर 2025 में इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को मंजूरी दी। आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग में आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष (पार्ट-टाइम मेंबर) और पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन (मेंबर-सेवा) भी शामिल हैं।

आयोग को अपनी सिफारिशें 18 महीनों के अंदर करनी हैं, यानी अप्रैल 2027 तक। इन सिफारिशों को कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा। हालांकि, बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से रेट्रोस्पेक्टिव (पीछे से) लागू होगी, जिससे कर्मचारियों को एरियर मिलेगा।

8th Pay Commission में सैलरी में कितनी बढ़ोतरी संभव?

7वीं वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिससे न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 हो गई थी। 8th Pay Commission में फिटमेंट फैक्टर 2.15 से 2.86 तक रहने का अनुमान है। इससे सैलरी में 20-35% तक बढ़ोतरी हो सकती है। उदाहरण: Level -1 कर्मचारी की मौजूदा न्यूनतम सैलरी ₹18,000 है। अगर फिटमेंट फैक्टर 2.28 लगता है, तो नई बेसिक पे करीब ₹41,000 हो सकती है। उच्च लेवल (जैसे कैबिनेट सेक्रेटरी) के लिए बढ़ोतरी ₹2 लाख तक हो सकती है।

यह बदलाव 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और 65-69 लाख पेंशनभोगियों को प्रभावित करेगा। सरकार पर अतिरिक्त खर्च ₹1-1.8 लाख करोड़ सालाना आने का अनुमान है।

जनवरी 2026 में क्या होगा?

कई कर्मचारी उम्मीद कर रहे थे कि 1 जनवरी से सैलरी बढ़ जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं है। 7वीं वेतन आयोग के तहत डियरनेस अलाउंस (DA) जारी रहेगा। जुलाई 2025 में DA 58% हो गया था, और जनवरी 2026 में 2-3% की बढ़ोतरी संभव है। 8वीं आयोग की सिफारिशें आने तक कोई बड़ा बदलाव नहीं। वित्त मंत्रालय ने लोकसभा में कहा कि आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही लागू करने और फंडिंग का फैसला होगा।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई को देखते हुए अच्छा फिटमेंट फैक्टर जरूरी है। दूसरी ओर, विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि ज्यादा बढ़ोतरी से महंगाई और फिसकल डेफिसिट बढ़ सकता है। 8th Pay Commission न केवल सैलरी, बल्कि अलाउंस, पेंशन और सर्विस कंडीशंस को भी रिवाइज करेगा। कर्मचारियों को इंतजार है सिफारिशों का, जो उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकता है।

Bhupendra Singh Panwar is a dedicated journalist reporting on local news from Uttarakhand. With deep roots in the region, he provides timely, accurate, and trustworthy coverage of events impacting the...