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UPI पेमेंट्स पर चार्ज शुल्क को लेकर भ्रम, वित्त मंत्रालय ने किया खंडन

Authored by: Bhupendra Panwar
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Published on: 12 जून 2025, 1:47 अपराह्न IST
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UPI पेमेंट्स पर चार्ज शुल्क को लेकर भ्रम, वित्त मंत्रालय ने किया खंडन

हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ समाचार स्रोतों पर यह दावा किया गया था कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लेनदेनों पर ₹3,000 से अधिक की राशि पर चार्ज शुल्क (मर्चेंट डिस्काउंट रेट – MDR) लगाया जा सकता है। हालांकि, भारत के वित्त मंत्रालय ने इस दावे को पूरी तरह से गलत और निराधार करार देते हुए खंडन किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि UPI लेनदेन अभी भी मुफ्त रहेंगे, और सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि सरकार 3,000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर MDR शुल्क लागू करने पर विचार कर रही है। इन खबरों ने जनता और व्यापारियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी थी। जवाब में, वित्त मंत्रालय ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान जारी कर कहा, “UPI लेनदेन पर MDR शुल्क लगाए जाने की अटकलें पूरी तरह से गलत और भ्रामक हैं। ऐसी निराधार खबरें नागरिकों में अनावश्यक भय और संदेह पैदा करती हैं। सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।”

भारत में UPI का बढ़ता महत्व

UPI भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र का मुख्य आधार बन चुका है। वित्त वर्ष 2023-24 में UPI के माध्यम से 131 अरब से अधिक लेनदेन हुए, जिनका कुल मूल्य 200 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। जनवरी 2025 में UPI ने 16.99 अरब लेनदेन के साथ 23.48 लाख करोड़ रुपये का मासिक रिकॉर्ड बनाया। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि UPI देश में 80% खुदरा भुगतानों के लिए उपयोग किया जा रहा है।

क्या होता है MDR शुल्क

मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वह शुल्क है जो बैंक व्यापारियों से तत्काल भुगतान प्रोसेसिंग के लिए वसूलते हैं। जनवरी 2020 से, सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) UPI लेनदेन पर MDR को हटा दिया था, जिसके कारण UPI लेनदेन पूरी तरह से मुफ्त हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कोई MDR शुल्क नहीं है, और इसलिए इन लेनदेन पर कोई GST भी लागू नहीं होता।

वित्त मंत्रालय ने दोहराया कि सरकार UPI के माध्यम से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए, 2021-22 से एक प्रोत्साहन योजना चल रही है, जो छोटे मूल्य के UPI लेनदेन को प्रोत्साहित करती है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी निराधार खबरें डिजिटल भुगतान की प्रगति को प्रभावित कर सकती हैं, और जनता से ऐसी अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

UPI पेमेंट्स पर चार्ज की खबर निराधार

वित्त मंत्रालय का यह स्पष्टीकरण UPI उपयोगकर्ताओं और व्यापारियों के लिए राहत की खबर है। UPI की मुफ्त और सुगम सेवा ने भारत में डिजिटल भुगतान को क्रांतिकारी बना दिया है, और सरकार का यह बयान इसकी निरंतरता को सुनिश्चित करता है।

About the Author
Bhupendra Panwar
Bhupendra Singh Panwar is a dedicated journalist reporting on local news from Uttarakhand. With deep roots in the region, he provides timely, accurate, and trustworthy coverage of events impacting the people and communities of Uttarakhand. His work focuses on delivering verified news that meets high editorial standards and serves the public interest.
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