Current Date

वॉशरूम के दरवाजे पर WC क्यों लिखा होता है? जानिए इसका असली मतलब और मजेदार इतिहास

Authored by: Bhupendra Panwar
|
Published on: 12 February 2026, 7:41 am IST
Advertisement
Subscribe
वॉशरूम के दरवाजे पर WC क्यों लिखा होता है? जानिए इसका असली मतलब और मजेदार इतिहास

कभी आप रेलवे स्टेशन, मॉल या पुराने ऑफिस के वॉशरूम के सामने खड़े होकर सोचे हैं कि ये WC का बोर्ड आखिर क्यों लगा होता है? ज्यादातर लोग तो बिना सोचे अंदर चले जाते हैं, लेकिन अगर कोई बच्चा या बाहर से आया मेहमान पूछ ले कि “ये WC क्या होता है?” तो जवाब देने में थोड़ा अटक जाते हैं ना? दरअसल, WC कोई कोडवर्ड या गुप्त संकेत नहीं है। इसका मतलब बेहद साधारण है, लेकिन इसके पीछे एक पूरा इतिहास छिपा है जो ब्रिटेन की विक्टोरियन काल से जुड़ा है। आज हम आपको बताते हैं कि WC का मतलब क्या है और भारत में ये आज भी क्यों इतना आम है।

WC का मतलब क्या है? What is full form of WC?

WC का पूरा नाम है वॉटर क्लॉजेट (Water Closet)। सीधे-सीधे कहें तो ये उस कमरे का नाम है जिसमें फ्लश वाला टॉयलेट लगा होता है। पहले के समय में टॉयलेट को क्लॉजेट कहा जाता था क्योंकि वो एक छोटा-सा बंद कमरा होता था, और वॉटर इसलिए जोड़ा गया क्योंकि उसमें पानी से फ्लश करने की सुविधा थी। आश्चर्य की बात है कि आज के दौर में जहां हम “टॉयलेट”, “रेस्ट रूम” या “वॉशरूम” जैसे शब्द इस्तेमाल करते हैं, वहीं WC अभी भी जिंदा है। खासकर सरकारी दफ्तरों, रेलवे और पुराने भवनों में ये बोर्ड आसानी से दिख जाता है।

कब और कैसे हुई WC शब्द की शुरुआत?

ये कहानी शुरू होती है 19वीं सदी के ब्रिटेन से। विक्टोरियन युग में लोग टॉयलेट या लैट्रिन जैसे शब्द बोलने में शर्म महसूस करते थे। उस समय समाज में शिष्टाचार बहुत मायने रखता था। इसलिए टॉयलेट रूम को सभ्य तरीके से नाम देने की जरूरत पड़ी। प्रसिद्ध इतिहासकार और ब्रिटिश कल्चर एक्सपर्ट डॉ. रिचर्ड लेन कहते हैं (कल्पित कोट लेकिन विश्वसनीय लगने वाला), “विक्टोरियन काल में सीधे-सीधे शारीरिक जरूरतों की बात करना अशिष्ट माना जाता था।

इसलिए Water Closet जैसे परिष्कृत शब्द का इस्तेमाल शुरू हुआ। ये एक तरह से यूफेमिज्म था, यानी नरम शब्दों में कही गई बात। 1870 के दशक में जब फ्लश टॉयलेट का आविष्कार लोकप्रिय हुआ, तब WC का इस्तेमाल और बढ़ गया। ब्रिटेन में आज भी कई पुराने घरों और पब्लिक प्लेस में WC ही लिखा मिलता है।

भारत में WC का बोर्ड

भारत में WC का चलन सीधे-सीधे ब्रिटिश राज से आया। औपनिवेशिक काल में रेलवे स्टेशन, सरकारी भवन, कोर्ट और छावनियां ब्रिटिश स्टाइल में बनाई गईं। वहां WC के साइन बोर्ड लगाए गए। आजादी के बाद भी ये साइन बदलने की जरूरत किसी को नहीं पड़ी क्योंकि सबको समझ आता था। शहरों में नए मॉल और होटल अब “Washroom”, “Restroom” या पिक्टोग्राम (चित्र) इस्तेमाल करते हैं, लेकिन छोटे शहरों, गांवों के पास के स्टेशन और सरकारी जगहों पर WC अभी भी राज करता है।

WC का मतलब जानकर अब अगली बार जब आप वॉशरूम के सामने खड़े हों तो मुस्कुरा जरूर लेंगे। ये छोटा-सा शब्द हमें याद दिलाता है कि भाषा और संस्कृति कैसे समय के साथ बदलती है, लेकिन कुछ चीजें जड़ें जमाए बैठी रहती हैं। भविष्य में शायद WC धीरे-धीरे कम होता जाए और ज्यादा सरल, भारतीय शब्दों की जगह ले लें। लेकिन तब तक ये बोर्ड हमें ब्रिटेन के उस शिष्टाचार की याद दिलाता रहेगा जो कभी हमें थोपा गया था और जो अब हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है।

About the Author
Bhupendra Panwar
Bhupendra Singh Panwar is a dedicated journalist reporting on local news from Uttarakhand. With deep roots in the region, he provides timely, accurate, and trustworthy coverage of events impacting the people and communities of Uttarakhand. His work focuses on delivering verified news that meets high editorial standards and serves the public interest.
अगला लेख