Current Date

उत्तराखंड: प्रसव के बाद युवती की दर्दनाक मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

Authored by: Bhupendra Panwar
|
Published on: 25 October 2025, 12:28 pm IST
Advertisement
Subscribe
उत्तराखंड: प्रसव के बाद युवती की दर्दनाक मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

टिहरी गढ़वाल जिले के घनसाली क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पिलखी में सामान्य प्रसव के बाद 22 वर्षीय रवीना कठैत की श्रीनगर बेस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, जबकि चिकित्सा विभाग पूर्व की हृदय रोगी होने की जानकारी न देने को मौत का कारण बता रहा है।

प्रसव के बाद युवती की मौत

यह घटना गुरुवार को घटी, जब ग्राम पंचायत सेम बासर की रहने वाली रवीना कठैत पत्नी कुलदीप कठैत को सुबह करीब छह बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तुरंत उन्हें पीएचसी पिलखी पहुंचाया, जहां सुबह आठ बजे उन्होंने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। प्रसव सामान्य होने के बावजूद देर शाम रवीना की तबीयत अचानक बिगड़ गई। चिकित्सकों के मुताबिक, उन्हें सांस लेने में गंभीर तकलीफ हुई, जिसके बाद उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ 108 एम्बुलेंस से श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया गया। शुक्रवार को अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

यह भी पढ़ें – 13 साल की छात्रा से मांगा वर्जिनिटी सर्टिफिकेट, मदरसा अधिकारी गिरफ्तार

मृतका के पति कुलदीप कठैत, जो एक होटल में काम करते हैं, ने आंसुओं के बीच गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “रात में जब मेरी पत्नी की हालत ज्यादा खराब हुई, तो अस्पताल में कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। सिर्फ एक वार्ड बॉय ड्यूटी पर था। अगर समय पर इलाज मिल जाता, तो आज मेरी पत्नी मेरे साथ होती।” कुलदीप ने दावा किया कि परिजनों ने डॉक्टरों को रवीना की पुरानी बीमारी के बारे में जानकारी नहीं दी, लेकिन प्रारंभिक जांच में ही संदेह होने पर तत्काल रेफरल क्यों नहीं किया गया। परिजनों ने पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया

जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. श्याम विजय ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “महिला की केस हिस्ट्री से पता चला कि उन्हें पहले से हृदय संबंधी समस्या थी और बाईपास सर्जरी भी हो चुकी थी। परिजनों ने इसकी जानकारी चिकित्सकों को नहीं दी। प्रसव सामान्य रूप से संपन्न हुआ, लेकिन 24 घंटे बाद सांस की तकलीफ होने पर उन्हें तुरंत श्रीनगर रेफर किया गया। वहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।” सीएमओ ने आश्वासन दिया कि विभाग आंतरिक जांच करेगा और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करेगा।

पहले भी हो चुकी ऐसी घटनाएं

यह पहला ऐसा मामला नहीं है। गौरतलब है कि इसी पीएचसी पिलखी में छह सितंबर को एक अन्य महिला की डिलीवरी के कुछ दिनों बाद 15 सितंबर को मौत हो चुकी थी। इन लगातार घटनाओं ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में प्रसव जैसी आपात स्थितियों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक, उन्नत उपकरण और 24×7 डॉक्टरों की कमी बनी हुई है।

परिजनों ने बताया कि नवजात बच्चा स्वस्थ है और रिश्तेदारों के संरक्षण में है। पुलिस ने अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की है, लेकिन परिजनों के बयान के आधार पर जांच शुरू हो सकती है। जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान में ले लिया है।

About the Author
Bhupendra Panwar
Bhupendra Singh Panwar is a dedicated journalist reporting on local news from Uttarakhand. With deep roots in the region, he provides timely, accurate, and trustworthy coverage of events impacting the people and communities of Uttarakhand. His work focuses on delivering verified news that meets high editorial standards and serves the public interest.
अगला लेख

वॉशरूम के दरवाजे पर WC क्यों लिखा होता है? जानिए इसका असली मतलब और मजेदार इतिहास

वॉशरूम के दरवाजे पर WC क्यों लिखा होता है? जानिए इसका असली मतलब और मजेदार इतिहास

मोहम्मद दीपक के जिम पर आर्थिक बहिष्कार, 150 से घटकर बचे सिर्फ 15 सदस्य

मोहम्मद दीपक के जिम पर आर्थिक बहिष्कार, 150 से घटकर बचे सिर्फ 15 सदस्य

पीएम आवास योजना ग्रामीण लिस्ट 2026: नए साल में गरीब परिवारों को पक्का घर का तोहफा, अपना नाम ऐसे चेक करें

पीएम आवास योजना ग्रामीण लिस्ट 2026: नए साल में गरीब परिवारों को पक्का घर का तोहफा, अपना नाम ऐसे चेक करें

उत्तराखंड RTE ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 2026: निजी स्कूलों में 25% मुफ्त सीटों के लिए आवेदन शुरू, कमजोर वर्ग के बच्चों को मिलेगा बड़ा फायदा!

उत्तराखंड RTE ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 2026: निजी स्कूलों में 25% मुफ्त सीटों के लिए आवेदन शुरू, कमजोर वर्ग के बच्चों को मिलेगा बड़ा फायदा!

हम भी तेरे दादा लगते है: उत्तराखंड पैतृक गांव पंचूर में योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को दुलारा, वायरल हुए भावुक पल!

हम भी तेरे दादा लगते है: उत्तराखंड पैतृक गांव पंचूर में योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को दुलारा, वायरल हुए भावुक पल!

उत्तराखंड शिक्षा विभाग भर्ती 2026: चतुर्थ श्रेणी के 2364 पदों पर वैकेंसी, 5 मार्च तक ऑनलाइन अप्लाई करें!

उत्तराखंड शिक्षा विभाग भर्ती 2026: चतुर्थ श्रेणी के 2364 पदों पर वैकेंसी, 5 मार्च तक ऑनलाइन अप्लाई करें!