नूंह हिंसा के आरोपी और खुद को गौरक्षक बताने वाले बजरंग दल के सदस्य बिट्टू बजरंगी (उर्फ राजकुमार पांचाल) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह कोई सांप्रदायिक विवाद नहीं, बल्कि शादी के नाम पर उनके साथ हुई धोखाधड़ी है। पुलिस के अनुसार, बिट्टू बजरंगी को एक व्यक्ति ने शादी कराने के बहाने 30 हजार रुपये ठग लिए, जिसके बाद उन्होंने फरीदाबाद पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है।
बिट्टू बजरंगी, जो फरीदाबाद में बजरंग फोर्स के अध्यक्ष हैं और 2023 की नूंह दंगों में आरोपी रह चुके हैं, ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनके पड़ोसी के रिश्तेदार बंटी ने उन्हें शादी कराने का वादा किया था। बंटी ने रानी (उर्फ लक्ष्मी) नाम की महिला के जरिए एक लड़की से मिलवाया और शादी का सौदा 1.20 लाख रुपये में तय किया। तय कार्यक्रम के मुताबिक, बिट्टू बजरंगी बारात लेकर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित एक मंदिर पहुंचे, जहां परिवार और रिश्तेदार भी उनके साथ थे। लेकिन वहां पहुंचकर उन्हें धोखा मिला। वहां न तो दुल्हन थी, न घराती पक्ष और न ही बिचौलिए।
शिकायत के अनुसार, बंटी और उसके साथियों ने पहले यात्रा खर्च के नाम पर 3 हजार रुपये लिए। फिर 6 फरवरी को दुल्हन के कपड़ों और अन्य तैयारियों के लिए 30 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए। कुल मिलाकर 33 हजार रुपये ठगे गए। जब मंदिर में कोई नहीं मिला, तो बिट्टू ने बंटी और अन्य को फोन किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद बारात बिना दुल्हन के ही फरीदाबाद लौट आई।
फरीदाबाद की पर्वतीय कॉलोनी पुलिस चौकी में बिट्टू बजरंगी की शिकायत पर बंटी, रानी उर्फ लक्ष्मी और प्रदीप के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।