प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने लोकसभा सचिवालय को साफ निर्देश दे दिए हैं कि सदन में PM CARES फंड, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) और राष्ट्रीय रक्षा कोष से जुड़ा कोई भी सवाल नहीं उठाया जा सकता। यह निर्देश संसद सत्र शुरू होने से पहले जारी किया गया है।
PMO का कहना है कि ये तीनों फंड पूरी तरह जनता के स्वैच्छिक दान से चलते हैं। इनमें भारत सरकार के खजाने यानी कंसॉलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया से एक भी रुपया नहीं डाला जाता। इसलिए ये फंड सरकार के सीधे नियंत्रण और जवाबदेही के दायरे में नहीं आते।
सरकार का तर्क है कि जब इन फंड्स में सरकारी पैसा नहीं है, तो इन्हें संसद में उठाए जाने वाले सामान्य सरकारी खर्चों जैसे सवालों के दायरे में नहीं रखा जा सकता। इन फंड्स को ट्रस्ट के रूप में बनाया गया है, जो लोगों की मदद के लिए अलग से काम करते हैं।
PM CARES फंड तो खास तौर पर कोरोना महामारी के समय बनाया गया था, जब देशभर से लोगों ने बड़ी रकम दान की थी। अब भी कई लोग इसमें योगदान देते हैं। इसी तरह PMNRF और राष्ट्रीय रक्षा कोष भी दान पर ही निर्भर हैं।
