उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर VIP शामिल होने के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। हाल ही में वायरल हुए वीडियो और ऑडियो क्लिप्स के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने CBI जांच की मांग तेज कर दी है। इस पर पलटवार करते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और साफ कहा कि अगर कोई ठोस सबूत उपलब्ध कराएगा तो सरकार किसी भी स्तर की जांच, जिसमें CBI भी शामिल है, के लिए पूरी तरह तैयार है।
अंकिता भंडारी मामले में सुबोध उनियाल ने दिया जबाब
मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “ अंकिता भंडारी का यह मामला सरकार के लिए भी उतना ही संवेदनशील है जितना आम जनता के लिए। हमने शुरू से ही निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की है। अगर किसी के पास VIP या किसी अन्य व्यक्ति से जुड़े ठोस सबूत हैं तो वे सामने लाएं। सरकार हर जांच के लिए तैयार है। सबूत देने वालों को पूरी सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी।
उन्होंने याद दिलाया कि 18 सितंबर 2022 को हुई अंकिता भंडारी की हत्या के बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई की थी। रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया गया और SIT गठित की गई। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जांच के दौरान CBI जांच की मांग को लेकर याचिका दायर हुई थी, लेकिन नैनीताल हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने SIT की जांच पर भरोसा जताते हुए इसे खारिज कर दिया।
हालिया विवाद की शुरुआत तब हुई जब अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कुछ VIP नामों का जिक्र किया और गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद कांग्रेस ने सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए CBI जांच और सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में जांच की मांग की है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि सरकार बार-बार सबूत मांग रही है, जबकि सत्ता में बैठे लोग ही सबूत मिटाने का काम कर रहे हैं।
वहीं, पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि वायरल ऑडियो और वीडियो के संबंध में अलग से FIR दर्ज की गई है और जांच चल रही है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि अगर किसी के पास कोई ठोस जानकारी या सबूत है तो वह जांच एजेंसियों तक पहुंचाए।