# Uttarkashi News: चारधाम में रील और व्लॉग बनाने पर नया नियम, अब DM की अनुमति के बाद ही होगी शूटिंग

> Uttarkashi News: चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और धार्मिक पवित्रता बनाए रखने के लिए उत्तराखंड सरकार ने सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नए दिशा-निर्देश जार…

**Published:** 2026-06-19 19:07:27  
**Author:** भुप्पी पंवार  
**Category:** उत्तरकाशी  
**Canonical URL:** https://paharipatrika.in/uttarkashi-news-new-rule-on-making-reels-and-vlogs-in-chardham-now-shooting-will-be-done-only-after-permission-from-dm/  
**HTML:** https://paharipatrika.in/uttarkashi-news-new-rule-on-making-reels-and-vlogs-in-chardham-now-shooting-will-be-done-only-after-permission-from-dm/

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**Uttarkashi News: ** चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और धार्मिक पवित्रता बनाए रखने के लिए उत्तराखंड सरकार ने सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब चारधाम क्षेत्र में फिल्म, Blog, रील या अन्य सोशल मीडिया कंटेंट बनाने से पहले कंटेंट क्रिएटर्स को अनिवार्य रूप से अनुमति लेनी होगी।


शासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, चारों धामों में शूटिंग या कंटेंट निर्माण करने के इच्छुक क्रिएटर्स को पहले उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद (UFDC) के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके बाद संबंधित जिले के जिलाधिकारी (DM) द्वारा अंतिम अनुमति जारी की जाएगी। बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की शूटिंग या कंटेंट निर्माण की अनुमति नहीं होगी।


इसके लिए उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद ने ufdc.uk.gov.in नामक आधिकारिक पोर्टल विकसित किया है, जहां कंटेंट क्रिएटर्स ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान नाम, आधार कार्ड, सोशल मीडिया प्रोफाइल लिंक, प्रस्तावित कंटेंट का विवरण और शूटिंग की अवधि जैसी समस्त जानकारी देना अनिवार्य होगा।


प्राप्त आवेदनों का परीक्षण उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद द्वारा किया जाएगा और उसके बाद अंतिम स्वीकृति के लिए संबंधित जिलाधिकारी को भेजा जाएगा। क्षेत्र के जिलाधिकारी की अनुमति मिलने के बाद ही कंटेंट क्रिएटर्स चारधाम क्षेत्र में शूटिंग कर सकेंगे।


इसके साथ ही शूटिंग के दौरान संबंधित मंदिर समिति को जारी किया गया अनुमति पत्र दिखाना भी अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य चारधाम यात्रा की धार्मिक गरिमा बनाए रखना, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अनियंत्रित कंटेंट निर्माण पर प्रभावी निगरानी रखना है।
