# उत्तराखण्ड पूर्णतः साक्षर राज्य घोषित, शिक्षा के क्षेत्र में नई उपलब्धि

> Uttarakhand News: उत्तराखण्ड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए नया मुकाम हासिल कर दिया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद उत्तराखण्ड को आधिक…

**Published:** 2026-07-08 18:15:38  
**Author:** भुप्पी पंवार  
**Category:** उत्तराखंड  
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**Uttarakhand News:** उत्तराखण्ड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए नया मुकाम हासिल कर दिया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद उत्तराखण्ड को आधिकारिक रूप से पूर्णतः साक्षर राज्य घोषित कर दिया गया है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और उल्लास (ULLAS) नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद मिली है।


**क्या है उल्लास (ULLAS) नव भारत साक्षरता कार्यक्रम?**


उल्लास (Understanding Lifelong Learning for All in Society) केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य उन वयस्क लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाना है, जो किसी कारणवश शिक्षा से वंचित रह गए थे। इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को केवल अक्षर ज्ञान ही नहीं, बल्कि दैनिक जीवन में काम आने वाली आवश्यक जानकारी और कौशल भी प्रदान किए जाते हैं।


**उत्तराखण्ड पूर्णतः साक्षर राज्य घोषित**


पूर्ण साक्षर राज्य घोषित होने का मतलब केवल पढ़ना-लिखना सीखना नहीं है, बल्कि यह समाज में जागरूकता, आत्मनिर्भरता और बेहतर जीवन स्तर की दिशा में बड़ा कदम है। शिक्षा के बढ़ते स्तर से रोजगार, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में भी लोगों को आसानी होगी। साक्षरता बढ़ने से सामाजिक विकास की गति तेज होती है और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर शिक्षा का वातावरण मिलता है।


**उत्तराखंड के लिए एक नई शुरुआत **


पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा मिलने के बाद अब उत्तराखण्ड का फोकस शिक्षा की गुणवत्ता, डिजिटल शिक्षा और आजीवन सीखने की संस्कृति को मजबूत करने पर रहेगा। इससे राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।


राज्य सरकार, शिक्षा विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय के संयुक्त प्रयासों से यह लक्ष्य हासिल किया गया। गांव-गांव तक चलाए गए साक्षरता अभियान और वयस्क शिक्षा कार्यक्रमों ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


 


 
