# Tehri Grahwal:  छत पर पढ़ाई कर रही 7 साल की बच्ची और सो रही महिला पर गुलदार का हमला, ग्रामीणों में दहशत

> Tehri Garhwal उत्तराखंड के जनपद टिहरी गढ़वाल में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। थौलधार क्षेत्र के ग्राम सौड़ उप्पू और उप्पू तल्ला में सोमवार रात गुल…

**Published:** 2026-06-24 07:43:23  
**Author:** भुप्पी पंवार  
**Category:** टिहरी गढ़वाल  
**Canonical URL:** https://paharipatrika.in/tehri-grahwal-7-year-old-girl-studying-on-rooftop-and-sleeping-woman-attacked-by-a-buffalo-villagers-panic/  
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Tehri Garhwal उत्तराखंड के जनपद टिहरी गढ़वाल में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। थौलधार क्षेत्र के ग्राम सौड़ उप्पू और उप्पू तल्ला में सोमवार रात गुलदार ने दो अलग-अलग लोगों पर हमला कर पूरे इलाके में दहशत फैला दी। हमलों में एक 7 वर्षीय बच्ची और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।


**छत पर पढ़ाई कर रही थी तानवी, तभी गुलदार ने किया हमला**


जानकारी के अनुसार ग्राम सौड़ उप्पू निवासी रमेश राणा की 7 वर्षीय बेटी तानवी राणा रात करीब 8:45 बजे अपने घर की दो मंजिला छत पर बैठकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान गुलदार सीढ़ियों के रास्ते छत तक पहुंच गया और बच्ची पर अचानक झपट पड़ा। बच्ची की चीख सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और शोर मचाया, जिसके बाद गुलदार जंगल की ओर भाग गया। हमले में तानवी घायल हो गई, लेकिन समय रहते बचाव होने से उसकी जान बच गई।


**सो रही महिला पर भी किया हमला **


पहली घटना के कुछ ही समय बाद उप्पू तल्ला गांव में गुलदार ने एक और हमला कर दिया। यहां सुषमा देवी, पत्नी रमेश दास, अपने बच्चों के साथ मकान की छत पर सो रही थीं। रात के अंधेरे में गुलदार ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं। घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके सिर पर टांके लगाने पड़े। सुखद बात यह है कि दोनों अब खतरे से बाहर है। 


**ग्रामीणों ने वन विभाग पर लगाए आरोप** 


घटनाओं के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्राम प्रधान विक्की गुसाईं का कहना है कि गांव में गुलदार की गतिविधियों की सूचना पहले ही वन विभाग को दी जा चुकी थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन विभाग ने चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया। अब** हमलों के बाद** विभाग **सक्रिय नजर आ **रहा** है।**
