# मानव भारती स्कूल के छात्रों ने डोईवाला में जाना, कैसे करते हैं कूड़ा प्रबंधन

> मानव भारती स्कूल देहरादून के कक्षा सात और आठ के 20 छात्र - छात्राओं ने डोईवाला नगर पालिका के कूड़ा प्रबंधन एवं रिकवरी प्लांट का शैक्षणिक भ्रमण किया। नगर पालिका …

**Published:** 2025-04-19 21:02:57  
**Author:** भुप्पी पंवार  
**Category:** देहरादून  
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मानव भारती स्कूल देहरादून के कक्षा सात और आठ के 20 छात्र - छात्राओं ने डोईवाला नगर पालिका के कूड़ा प्रबंधन एवं रिकवरी प्लांट का शैक्षणिक भ्रमण किया। नगर पालिका के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सचिन रावत ने बच्चों को घर से ही कूड़े को अलग-अलग करने तथा इसके प्रबंधन और कम्पोस्ट बनाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

मानव भारती स्कूल नेचर कनेक्ट अभियान के अंतर्गत बच्चों को प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करता है। शनिवार सुबह छात्र-छात्राओं का दल डोईवाला स्थित नगर पालिका के एमआरएफ (मैटिरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर पहुंचे, जहां चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सचिन रावत ने उनको घर-घर से कूड़ा इकट्ठा करने वाली गाड़ी के विभिन्न हिस्सों और उनमें डाले जाने वाले कूड़े के विभिन्न प्रकार के बारे में बताया।

## मानव भारती स्कूल के छात्रों ने सिखा

उन्होंने बताया कि कूड़े वाली गाड़ी में गीले और सूखे कूड़े के लिए अलग-अलग बॉक्स होते हैं, पर इसमें खतरनाक नुकीले, धारदार, कांच, इलेक्ट्रॉनिक कचरा आदि के लिए बॉक्स होते हैं। इन बॉक्स के रंग अलग अलग होते हैं, ताकि आसानी से समझ में आ सके कि किस बॉक्स में क्या निस्तारित करना है।

रावत ने बच्चों को कॉम्पेक्टर मशीन संचालित करके दिखाई कि नगर पालिका प्लास्टिक की बोतलों, कपड़े, गत्ते, पन्नियों आदि के किस तरह एक खास दबाव डालकर बंडल बनाती है, ताकि इनको रखने और रिसाइकल के लिए प्लांट तक भेजने में आसानी हो सके। साथ ही, कूड़े के विभिन्न प्रकारों पर चर्चा के दौरान उन्होंने बताया, जैविक कचरे से खाद बनाई जाती है। पैकिंग में इस्तेमाल की जाने वाली पन्नियों, शूज एवं चप्पलों का कचरा, प्लास्टिक की खाली बोतलें किस तरह रिसाइकिल होती हैं और इनसे बनने वाले उत्पाद क्या होते हैं।

भ्रमण के दौरान बच्चों को विभिन्न प्रकार का कचरा अलग करने वाली मशीन दिखाई गई। साथ ही, उनसे अपील की गई कि वो घर से ही कूड़े को अलग करें, ताकि कूड़ा प्रबंधन के दौरान स्थानीय निकायों को आसानी हो सके।

एमआरएफ सेंटर की सुपरवाइजर मीरा शर्मा ने कहा, सेनिटरी पेड्स सहित अन्य कचरे को अलग से पैक करके उस पर लाल रंग से निशान लगा दें, तो इसका निस्तारण करने में आसानी होगी। साथ ही, हमारे आसपास कूड़ा  उन्होंने बच्चों में जागरूकता के लिए इस भ्रमण कार्यक्रम के लिए मानव भारती स्कूल प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।

अंत में, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सचिन रावत ने सभी बच्चों एवं शिक्षिकाओं पूनम ढौंडियाल तथा लता थपलियाल को स्वच्छता का संकल्प दिलाया।
