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title: "परिवर्तिनी एकादशी 2025: तिथि, शुभ मुहूर्त और पारण समय जानें!"
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author: "भुप्पी पंवार"
category: "उत्तराखंड"
published: "2025-09-01 08:05:51"
updated: "2026-06-17 04:40:37"
canonical: "https://paharipatrika.in/parivartini-ekadashi-2025-know-the-date-auspicious-time-and-parana-time/"
format: "article"
publisher: "Pahari Patrika"
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# परिवर्तिनी एकादशी 2025: तिथि, शुभ मुहूर्त और पारण समय जानें!

> Parivartini Ekadashi 2025: परिवर्तिनी एकादशी 2025 का व्रत 3 सितंबर को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 7:35 से 9:10 बजे तक है और प…

**Parivartini Ekadashi 2025:** परिवर्तिनी एकादशी 2025 का व्रत 3 सितंबर को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 7:35 से 9:10 बजे तक है और पारण का समय 4 सितंबर को दोपहर 1:36 से शाम 4:07 बजे तक रहेगा।

## परिवर्तिनी एकादशी 2025 तिथि

परिवर्तिनी एकादशी का व्रत इस वर्ष बुधवार, 3 सितंबर 2025 को है। पंचांग अनुसार एकादशी तिथि की शुरुआत 3 सितंबर को सुबह 3:53 बजे (कुछ पंचांग अनुसार 4:54 बजे) से होगी और इसका समापन 4 सितंबर की सुबह 4:21 (या 4:22) बजे होगा। इसलिए व्रत रखने का उचित दिन 3 सितंबर को है।

**पूजा का शुभ मुहूर्त **

पूजन के लिए शुभ मुहूर्त 3 सितंबर को सुबह 7:35 से 9:10 बजे तक है। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:30 से 5:15 तक, रवि योग सुबह 6 बजे से रात 11:08 बजे तक, विजया मुहूर्त दोपहर 2:27 से 3:18 तक, और अमृत काल शाम 6:05 से 7:46 तक रहेगा।

## Parivartini Ekadashi 2025 की पूजा विधि

-  स्नान के बाद सूर्य को जल चढ़ाएं और पीले वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु की पूजा करें।

- भगवान विष्णु को पीले फूल, पंचामृत, और तुलसी पत्र अर्पित करें।

- गणेश जी को मोदक और दूर्वा चढ़ाएं।

- विष्णु और गणेश मंत्रों का जाप करें।

- गरीब या जरूरतमंद को जल, भोजन, वस्त्र या छाता दान करें।

- इस दिन फलाहार या जलाहार ग्रहण करें, अन्न से बचें।

**पारण का समय**

एकादशी व्रत का पारण 4 सितंबर 2025 को दोपहर 1:36 बजे से शाम 4:07 बजे के बीच किया जाएगा। हरि वासर का समापन सुबह करीब 10:20 बजे होता है; इसके बाद ही पारण करें

परिवर्तिनी एकादशी भगवान विष्णु के योगनिद्रा में करवट लेने के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। इसे पद्मा एकादशी, जलझूलनी एकादशी भी कहते हैं। मान्यता है कि इस व्रत से पापों का नाश, मोक्ष, और आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है। इस दिन वामन अवतार की पूजा विशेष लाभकारी है और धार्मिक कार्यों जैसे छाता, दही, जल से भरा कलश, जूते आदि का दान कल्याणकारी होता है।
