आज के समय में फेसबुक सिर्फ एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि लाखों कंटेंट क्रिएटर्स के लिए कमाई का जरिया बन चुका है। लेकिन हाल ही में फेसबुक ने अपने कंटेंट मोनेटाइजेशन Tool के लिए नया Criteria (मानदंड) जारी किया है, जिससे क्रिएटर्स की जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। कंपनी का मकसद है कि प्लेटफॉर्म पर सिर्फ गुणवत्तापूर्ण और ऑरिजिनल कंटेंट को आगे बढ़ाया जाए।
फेसबुक के नए मोनेटाइजेशन Criteria के अनुसार अब कोई भी पेज या क्रिएटर तभी विज्ञापनों से कमाई कर सकेगा, जब वह फेसबुक की सभी कम्युनिटी गाइडलाइन्स, कॉपीराइट नीतियों और ऑरिजिनल कंटेंट स्टैंडर्ड्स का पालन करेगा। यानी अब सिर्फ लाइक, शेयर या फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाना ही काफी नहीं होगा, बल्कि कंटेंट की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।
नए नियमों में फेसबुक ने खास तौर पर कुछ बिंदुओं पर जोर दिया है। जिसके अनुसार कंटेंट पूरी तरह मौलिक (original) होना चाहिए, किसी और की वीडियो या पोस्ट को रीपोस्ट करने पर मोनेटाइजेशन बंद हो जाएगा। जो वीडियो मोनेटाइज की जाएगी, उसकी लंबाई कम से कम 3 मिनट और रील्स की 10 सेकेंड से अधिक होनी चाहिए। किसी भी पोस्ट या वीडियो में हिंसक, भ्रामक या नफरत फैलाने वाली भाषा नहीं होनी चाहिए। फेसबुक का AI सिस्टम अब ऐसे अकाउंट्स को तुरंत पहचान लेगा, जिनका कंटेंट दूसरों से कॉपी या रिपीट किया गया हो।
क्या हुआ बदलाव
पहले फेसबुक पर छोटे क्रिएटर्स सिर्फ व्यूज़ और फॉलोअर्स के सहारे मोनेटाइजेशन हासिल कर लेते थे। बहुत से लोग वायरल क्लिप्स या दूसरों के वीडियो रीपोस्ट कर भी पैसे कमा रहे थे। लेकिन अब यह रास्ता लगभग बंद हो गया है। फेसबुक ने इसे रोकने के लिए अपने Meta Business Suite और Creator Studio में अपग्रेड्स किए हैं ताकि केवल असली कंटेंट क्रिएटर्स ही लाभ उठा सकें।
इस बदलाव से असली और मेहनती क्रिएटर्स को सीधा फायदा मिलेगा। जो लोग अपने खुद के वीडियो बनाते हैं, अपने फॉलोअर्स से बातचीत करते हैं और सोशल मीडिया पर भरोसेमंद समुदाय तैयार करते हैं, उनकी कमाई और पहुंच दोनों बढ़ेगी।वहीं दूसरी ओर जो अकाउंट्स दूसरों का कंटेंट लेकर बार-बार रीपोस्ट करते हैं, उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। फेसबुक अब ऐसे यूज़र्स की पहचान कर उनके पेज की मोनेटाइजेशन बंद कर सकता है।
अगर आप फेसबुक पर कंटेंट बनाकर कमाई करना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें। सबसे पहले अपने वीडियो या पोस्ट खुद तैयार करें, किसी और का उपयोग न करें। विषय चुनते समय जानकारीपूर्ण और दर्शकों से जुड़ा थीम चुनें, जैसे करंट अफेयर्स, लोकल न्यूज या समाज से जुड़े मुद्दे। वीडियो की एडिटिंग और प्रेजेंटेशन पेशेवर ढंग से करें ताकि दर्शक जुड़ाव महसूस करें। विवादित मुद्दों या नफरत फैलाने वाले कंटेंट से दूर रहें। लगातार एंगेजमेंट बनाए रखने के लिए कमेंट्स में बातचीत करें, पोल्स या Q&A से फॉलोअर्स को जोड़े रखें।
फेसबुक का नया मोनेटाइजेशन सिस्टम दरअसल प्लेटफॉर्म को ज्यादा विश्वसनीय और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। अब समय आ गया है जब क्रिएटर्स को संख्या नहीं, बल्कि क्वालिटी पर फोकस करना होगा। असली और जिम्मेदार क्रिएटर्स के लिए यह अपडेट सुनहरा मौका है कि वे अपने ब्रांड और विचारों को सही दिशा में लेकर जाएं। आने वाले दिनों में फेसबुक पर वही चमकेगा, जो वास्तविक और मूल्यवान कंटेंट बनाएगा।
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