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title: "किशनपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दही हांडी का उत्साहपूर्ण आयोजन"
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author: "भुप्पी पंवार"
category: "उत्तराखंड"
published: "2025-08-17 17:14:58"
updated: "2026-06-20 08:51:23"
canonical: "https://paharipatrika.in/enthusiastic-celebration-of-dahi-handi-on-the-occasion-of-sri-krishna-janmashtami-in-kishanpur/"
format: "article"
publisher: "Pahari Patrika"
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# किशनपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दही हांडी का उत्साहपूर्ण आयोजन

> श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर किशनपुर में इस वर्ष पहली बार दही हांडी का आयोजन अभूतपूर्व उत्साह और उमंग के साथ किया गया। स्थानीय ईष्टदेव भगवान श्री नागराज…

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर किशनपुर में इस वर्ष पहली बार दही हांडी का आयोजन अभूतपूर्व उत्साह और उमंग के साथ किया गया। स्थानीय ईष्टदेव भगवान श्री नागराजा देवता मंदिर परिसर में आयोजित इस भव्य समारोह ने ग्रामीणों के बीच एक नई ऊर्जा का संचार किया। नवनिर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य शुभम मराठा ने बताया कि इस वर्ष जन्माष्टमी का पर्व किशनपुर में विशेष हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिसमें भगवान नागराजा की डोली मुख्य आकर्षण का केंद्र रही।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ हुई, जिसमें ग्रामीणों ने भक्ति और उत्साह के साथ भाग लिया। भगवान नागराजा की डोली ने भी इस उत्सव में शामिल होकर ग्रामीणों के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की खुशियां साझा की। दही हांडी का आयोजन इस समारोह का मुख्य आकर्षण रहा, जिसमें युवाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और परंपरागत रूप से हांडी फोड़ने का प्रयास किया।

इस आयोजन का संपूर्ण श्रेय किशनपुर के युवा मंगल दल को जाता है, जिन्होंने एकजुट होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। युवा मंगल दल के सदस्यों इंद्रेश मराठा, माधव मराठा, गणेश राणा, राहुल मराठा सहित अन्य सभी युवाओं ने मिलकर इस उत्सव को यादगार बनाया। शुभम मराठा ने बताया कि इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखते हैं, बल्कि समुदाय में एकता और उत्साह को भी बढ़ावा देते हैं।

 किशनपुर के लिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एक ऐतिहासिक क्षण बन गया, क्योंकि पहली बार दही हांडी का उत्सव इतने बड़े पैमाने पर और उत्साह के साथ मनाया गया। ग्रामीणों ने इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण और नागराजा देवता के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और इस उत्सव को भविष्य में और भव्य रूप से मनाने का संकल्प लिया।
